जावी। नीमच जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कमल सरोवर के नाम से विख्यात नगरी जावी के जावी-सरवानिया महाराज मार्ग पर स्थित दीन दुखियों के शरण स्थल श्री गुर्जरखेड़ा धाम पर श्री गुर्जरखेड़ा धाम मंदिर प्रबंध समिति एवं सेवादार समिति के सामूहिक तत्वावधान में महाशिवरात्रि महोत्सव धूमधाम से मना। सर्वप्रथम मन्दिर में विराजमान सभी देवताओं का मन्दिर प्रबंध समिति एवं सेवादारों ने विधि विधान से पूजन अर्चन किया और 17 फिट लम्बी वृहद चूल का पूजन कर चूल में अग्नि प्रज्वलित की और महाआरती हुई। ततपश्चात वीरभद्र स्वरूप नाथों के नाथ श्री अगोरी नाथ पंडाजी घनश्याम लौहार के तन में पधारे और 41 कुओं के संग्रहित 15 कलश के जल से स्नान किया और कलश को सीने पर फोड़ा। ततपश्चात सेवादारों ने श्री अगोरी नाथ को बाघम्बरी धारण करवाई। बाघम्बरी धारण कर श्री अगोरी नाथ ने मन्दिर परिसर की एक परिक्रमा की फिर धधकते अंगारों की चूल में 3 बार निकलें ततपश्चात श्री अगोरी नाथ का आशीर्वाद लेकर सभी देवता, सेवादार और उपस्थित सभी महिला, पुरुष, बच्चे ओम नमः शिवाय, हर हर बम बम, उमापति महादेव की जय, भोलेनाथ के जयकारे लगाते हुए चूल में निकले। श्री अगोरी नाथ ने जनमानस का संदेश दिया कि प्रमाणित को प्रमाण की आवश्यकता नहीं है। जहां सत्य और धर्म है वहां अहंकार और आडम्बर के लिये कोई स्थान नहीं है। मन में मानवता रखों, एक-दूसरे का सहयोग करों यही सच्चा मनुष्य धर्म है। भगवान ने जो दिया वह हमारे कर्म के आधार पर दिया, इसलिए कर्म को महत्त्व दो जिससे आत्मा की शुद्धि होगी और परमात्मा से मिलन का सौभाग्य मिलेगा। जीवन में मोह, माया, आडम्बर, द्वेष सहित अन्य बुराइयों का नाश कर इस पुण्य दिवस महाशिवरात्रि से हम नवजीवन का शुभारंभ करें। कार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण के बाद हुआ। उक्त जानकारी श्री गुर्जरखेड़ा धाम मन्दिर प्रबंध समिति प्रवक्ता दिलीप पाटीदार जावी ने दी।