भवानीमंडी। नैत्रदान के क्षेत्र में विगत 11 वर्षों से पूरे हाड़ौती संभाग में अनवरत कार्य कर रही संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन के कार्यों से प्रभावित होकर न्यूजीलैंड मे कार्यरत कोटा के मूलनिवासी आशीष शर्मा एवं नवनीत शर्मा ने शाइन इंडिया फाउंडेशन को एक सुसज्जित वाहन ’ज्योति-रथ’ भेंट किया है।
रविवार को कोटा में आयोजित भव्य अनावरण समारोह में शाइन इंडिया फाउंडेशन को न्यूजीलैंड में कार्यरत कोटा निवासी आशीष शर्मा एवं नवनीत शर्मा ने 8 लाख रुपये की मारुति कार ईको उपहार स्वरूप भेंट की है। इसे शाइन इंडिया फाउंडेशन के संरक्षक अनुराग मलिक, नितिन गौतम, अध्यक्ष डॉ कुलवंत गौड़, डॉ संगीता गौड़, आई बैंक सोसाइटी ऑफ राजस्थान के टेक्नीशियन रिंकू ओझा, शाइन इंडिया फाउंडेशन के भवानीमंडी निवासी ज्योति मित्र कमलेश दलाल, कोटा के विकास दीक्षित, हेमंत जैन, राष्ट्रीय कवि विश्वामित्र दाधीच, रामगंजमंडी के संजय विजावत, बूंदी ज्योति मित्र इदरिस बोहरा, बारां ज्योति मित्र हितेश खंडेलवाल आदि ने प्राप्त किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गुरुश्री गिरवर सिंह एवं विशिष्ट अतिथि अनुराग मलिक एवं नितिन गौतम रहे, बड़ी संख्या में नेत्रदानी परिवारों की उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विशिष्ट सहयोग देने के लिए अनुराग मलिक, नितिन गौतम एवं भवानीमंडी में नेत्रदान जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए कमलेश दलाल को माला पहना कर सम्मानित किया गया। संचालन विकास दीक्षित के द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित न्यूजीलैंड निवासी आशीष शर्मा ने कहा कि जब उन्हें न्यूजीलैंड में शाइन इंडिया फाउंडेशन के माध्यम से कोटा संभाग में किया जा जा रहे नेत्रदान कार्यों की जानकारी मिलती है तो अत्यंत गर्व की अनुभूति होती है, नेत्रदान सबसे बड़ा दान है और संस्था इस कार्य को और अधिक गति से कर सके इसलिए उन्होंने संस्था को एक वाहन जिसे ज्योति रथ नाम दिया गया है भेंट करने का निर्णय किया एवं न्यूजीलैंड के ही निवासी उनके मित्र नवनीत शर्मा के सहयोग से इसे शाइन इंडिया फाउंडेशन को प्रदान किया गया, आशीष शर्मा ने कहा कि वह आगे भी संस्था को सहयोग करते रहेंगे।
वही नेत्रदान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रही संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ कुलवंत गौड़, एवं ज्योति मित्र कमलेश दलाल ने बताया कि यह पूरे राजस्थान में नेत्रदान के लिए किसी संस्था को दिया गया सबसे बड़ा उपहार है एवं नेत्रदान जागरूकता के लिए विशेष रूप से संचालित यह वाहन राजस्थान का पहला नेत्रदान जागरूकता वाहन है, यह ज्योति रथ नेत्रदान जागरूकता के लिए शहरों के साथ-साथ गांव में भी जाकर नेत्रदान जागरूकता का प्रचार प्रसार करेगा एवं, जागरूकता के साथ-साथ दूर गांव में भी नेत्रदान के लिए जाकर नेत्र उत्तसरण एवं दूरदराज के गांव में जाकर कॉर्निया की अंधता से पीड़ित व्यक्तियों को ढूँढ़ कर उनके बेहतर इलाज में भी मदद करेगा। नेत्रदान के साथ साथ अंगदान देहदान और त्वचा दान जागरूकता की भी व्यवस्था वाहन में की गई है। ज्योति रथ में प्रोजेक्टर के माध्यम से नेत्रदान, अंगदान और त्वचादान से संबंधित जागरूकता मूवी व प्रक्रिया को दिखाकर आमजन की भ्रांतियों को दूर किया जा सकेगा। इसके साथ ही इसमें अधिक दूर से कॉर्निया लाने पर भी उसे उचित तापमान में सुरक्षित रखने की व्यवस्था रहेगी। वाहन में अंदर ही नेत्रदान, अंगदान, और देहदान से संबंधित संकल्प-पत्र भरने की व्यवस्था रहेगी, ज्योति-रथ में नैत्रदान-अंगदान-देहदान से सम्बंधित सभी तरह की संपूर्ण जानकारी देने के लिये एक काउंसलर को भी नियुक्त किया गया है जो शहर में कहीं पर भी नेत्रदान जागरूकता कार्यशाला मे उपस्थित होकर संबंधित विषय पर पूरी जानकारी दे सकेगा।