सरवानिया महाराज। शहर में राजपूत समाज के युवाओं ने छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई। रविवार रात्रि को राजपूत समाज के युवाओं ने शिवाजी महाराज की जन्म जयंती के अवसर पर सामाज की धर्मशाला में शिवाजी महाराज की तस्वीर पर माल्यार्पण कर जन्मदिन मनाया। इस दौरान समाज के युवाओं ने शिवाजी महाराज के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भारत की पवित्र मिट्टी एक ऐसी मिट्टी है, जिसने एक से बढ़कर एक योद्धाओं और शूर वीरों को जन्म दिया है। भारत के इन सच्चे सपूतों की शौर्य वीर गाथाएं आज भी मातृभूमि की मिट्टी में अजर अमर है। जब भी भारत के सबसे शूरवीर राजाओं और योद्धाओं की गणना की जाती है तो उसमें छत्रपति शिवाजी महाराज का नाम जरूर लिया जाता है। छत्रपति शिवाजी महाराज भारत के सबसे शूरवीर और महान राजाओं में से एक थे, जिन्होंने मुग़ल सल्तनत की ईंट से ईंट बजा दी थी। मराठा साम्राज्य की नींव रखने वाले छत्रपति शिवाजी महाराज एक अद्वितीय भारतीय योद्धा देशभक्त और कूटनीतिज्ञ थे। शिवाजी महाराज की प्रशासनिक रणनीतियां आज भी युद्ध की सबसे कुशल रणनीतियां मानी जाती हैं। इतना ही नहीं आज पूरी दुनियां उनकी अनूठी छापामार युद्ध की शैली का लोहा मानती है। इस दौरान समाज के कई युवाओं ने शिवाजी महाराज की जीवन पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर अमर सिंह कानावत, नाहर सिंह कानावत , राजूलाल, रामसिंह, भीम सिंह, महेंद्र सिंह देवड़ा, राजेंद्र सिंह, अर्जुन सिंह, जुझार सिंह, भारत सिंह, प्रदीप सिंह कानावत, जुझार सिंह आदि समाज के युवा उपस्थित थे।