मनासा। मनासा के समीप गांव तेजपुरिया में शासकीय भूमि पर वर्षो से खेती कर रहे किसान लक्ष्मणसिंह पिता गोकुलसिंह राजपूत निवासी तेजपुरिया को तहसीलदार के एक आदेश ने दर-दर की ठौकरे खाने पर मजबुर कर खडी फसल भी अपने कब्जे मे कर परिवार के सामने जीवन व्यापन का संकट पैदा कर दिया।
मामला मनासा विधानसभा क्षेत्र के गांव तेजपुरिया का है, जहाँ एक गरीब किसान वर्षों से शासकीय भूमि पर खेती करता आ रहा है। तहसीलदार के एक ही आदेश ने उसको भूमि से बेदखल कर उसकी खडी लहसुन, धनिया, फसल भी ले ली। ऐसे में किसान लक्ष्मणसिंह का कहना है, कि मैं अपनी शासकीय भूमि के पटटे के लिए तहसीलदार, एसडीएम और कलेक्टर तक के कार्यालयों के चक्कर लगा चुका हूँ और वर्षों से इसी भूमि पर खेती करके मेरे परिवार का गुजारा चलता है। ऐसे में मेरे सामने आज भूखे मरने की नौबत आ गयी है। एक ओर प्रदेश के मुख्यमंत्री विकास यात्रा निकाल रहे और दुसरी और प्रशासन किसानों को भूमि से बेदखल कर बेघर कर रहा है, जो गलत है।
किसान का कहना है कि तीन दिन मे प्रशासन मेरी कृषि भूमि वापस नही करता है, तो मैं, मेरे परिवार के साथ तहसील कार्यालय के बाहर आत्महत्या करूगां। जिसकी समस्त जवाबदेही प्रशासन की होगी।