नीमच। इंसान के जीवन में उसे सबकुछ मिलने के बाद भी यदि वह संयम जीवन को श्रेष्ठ मानते हुए संयम पथ पर चलने के लिए मानव जीवन की सारी सुख सुविधाओं और घर परिवार, रिष्ते नाते, मित्रगण सभी को त्यागकर जो संयम पथ पर चलता है, वह उसके जीवन का बहुत बडा निर्णय होने के साथ बहुत महान कार्य भी होता है। यह बात वार्ड क्र. 20 की कांग्रेस पार्षद रानी हाजी साबिर मसूदी ने आज दीक्षार्थी बहन अंजलि बोहरा के संयम पथ पर चलने से पूर्व षहर में निकली विषाल षोभायात्रा के अवसर पर सैंकडों समर्थकों की मौजूदगी में की। इस अवसर पर जैन समाज के हजारों लोग मौजूद थे। षोभायात्रा के अवसर पर रानी हाजी साबिर मसूदी के नेतृत्व में नया बाजार, पुरानी पण्डित की होटल चौराहे पर सैंकडों लोगों के काफिले के साथ मुमुक्षु के गुरू आचार्य विष्वरत्नसागर सूरिष्वरजी महाराज की मौजूदगी में दीक्षार्थी बहन अंजलि बोहरा पर गुलाब के फूलों की पंखुडियों से पुष्पवर्षा कर भावुक होते हुए कही। इस अवसर पर नया बाजार व्यापारी संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र ऐरन (राजू), ओमप्रकाष गोयल, पूर्व पार्षद हाजी साबिर मसूदी, युसूफ मास्टर, जुल्फिकार मसूदी, अनीस मास्टर, बंसीलाल गुप्ता, पत्रकार मुकेष चौहान, बलवंत चौहान, परवीन पठान, इमरान मसूदी, तबस्सुम खान, षादाब मसूदी आदि वार्डवासी उपस्थित थे।
रानी मसूदी ने कहा कि मेरे लिए बडे सौभाग्य की बात है कि पार्षद बनने के बाद मेरे कार्यकाल में यह पहला अवसर देख रही हूं कि मेरी हमउम्र बहन एम.कॉम. पास अंजलि बोहरा ने संयम पथ पर चलने के लिए दिल पर पत्थर रख जीवन की सारी मोह माया को त्याग और परिवार रिष्ते नातों का बलिदान कर महावीर पथ पर चलने का जो ऐतिहासिक निर्णय लिया वह अपने आपमें एक महत्वपूर्ण और महान कार्य होने के साथ धर्म के प्रति सच्ची आस्था का प्रतीक माना जाए तो कोई अतिष्योक्ति नहीं होगी। मेरे लिए दीक्षार्थी बहन अंजलि बोहरा का यह धर्म से ओतप्रोत कार्यक्रम एक भाग्यषाली माना जाएगा और मैं इस चीज के लिए अपने आपको बडे सौभाग्य वाली बात मानती हूं कि ऐसे अवसर पर मुझे बतौर जनप्रतिनिधि होने के नाते स्वागत करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। आज जैन साध्वी बनने के लिए उसका वरघोडा निकल रहा है तो आने वाला कल उसकी दीक्षा का दिन होगा।
रानी हाजी साबिर मसूदी ने कहा कि दीक्षा अंगीकार करने के लिए जो कदम बढाए हैं, उसके लिए दीक्षार्थी बहन के साथ ही उनके पूरे परिवार, जिगर वाले मां बाप, भाई बहनों के अलावा समाजजनों को साधुवाद देती हूं कि संयम पथ पर चलने के लिए आज मेरी हमउम्र बहन अंजलि बोहरा ने घर से कदम निकालने से पहले सारे रस्मोरिवाजों को पूरा किया। बहन के हाथों में मेहंदियां रचाई गईं, तो दुल्हन की तरह उसे सजाकर षहर के प्रमुख मार्गों से एक भव्य जुलूस के साथ प्रवेष करवाया गया। क्योंकि अब जब दीक्षा लेने के बाद बहन एक संत के पथ पर चलेगी तो पीछे मुडकर देखना नहीं है। यही अंगीकार करने वाले के लिए बहुत बडा कलेजा होता है। क्योंकि जीवन की सारी मोहमाया, खान पान रहन सहन, आबोहवा, भूख प्यास को त्यागने के साथ ही नंगे पांव हर मौसम में पथ पर चलना ही संयम पथ का प्रतीक कहा जाता है।
कार्यक्रम के अवसर पर रानी मसूदी ने श्री जैन ष्वेताम्बर भीडभंजन पार्ष्वनाथ मंदिर ट्रस्ट श्रीसंघ के समस्त सम्माननीय पदाधिकारियों एवं अंजलि बोहरा भगवती दीक्षा से जुडे समस्त महानुभाव और समाज के वरिष्ठजनों को भी इस कार्य की बधाई देते हुए कहा कि संयम के पथ पर चलने वाली अंजलि बोहरा को आप सभी के साथ ही मैं भी इस बात के लिये भावुक मन से मुबारकबाद देती हूं कि उन्हें इस पथ पर चलने की ताकत मिले और उनको सम्बल प्राप्त हो। यही दुआ करती हूं।