नीमच। सांसारिक मोह माया का त्याग कर और भौतिक संसाधन छोड़कर सन्यासिनी के पथ पर अग्रसर निंबाहेड़ा की 22 वर्षीय मुमुक्षु अंजलि बहन बोहरा का वर्षीदान वरघोड़ा का भव्य जुलूस आज नीमच शहर के मुख्य मार्गों से निकला। जिसमें जैन समाज श्रीसंघ के हजारों समाजजन महिला एवं पुरुष शामिल हुए। उत्साह पूर्वक निकले इस जुलूस में महिला एवं पुरुष भक्ति गीतों पर नाचते गाते चल रहे थे।
इस अवसर पर भीड़भंजन पार्शवनाथ मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में परम पूज्य मालव भूषण आचार्य प्रवर श्री नवरत्न सागर जी महाराज साहब के शिष्य रत्न परम पूज्य आचार्य भगवन विश्वरत्न सागर सुरेश्वर जी महाराज साहब एवं साध्वी श्री मुक्ति प्रिया श्री जी महाराज साहब की निश्रा में अष्टानिका महोत्सव अपने पूरे शबाब पर है। आज निकली भव्य वर्षीदान रथयात्रा में समाज जन पूरे उत्साह के साथ सम्मिलित हुए। आगे आगे धर्म ध्वजा जैन शासन की अनुपम छटा का परिचायक बनकर लहरा रही थी। उसके बाद बैंड की स्वर लहरियों पर युवक थिरक रहे थे।
साथ ही आचार्य श्री के आगे युवा एवं समाज जन नाचते हुए चल रहे थे। वही महिलाओं द्वारा बैंड पार्टी के साथ साध्वी वरयाओं की अगवानी करते हुए चल रही थी। उसके पीछे सुसज्जित रथ पर सवार मुमुक्षु अंजलि बहन संसार त्याग की परिभाषा को उल्लेखित करते हुए सर्वस्व न्योछावर करने पर आमादा थी। वह वर्षी दान कर अपने मोह को त्यागने का संदेश देती हुई चल रही थी। भव्य वर्षी दान रथ यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुई मिडिल स्कूल ग्राउंड पहुंचकर धर्म सभा में परिवर्तित हो गई। वहां आचार्य श्री विश्वरत्न सागर जी ने दीक्षा के महत्व और त्याग की व्याख्या पर सारगर्भित संबोधन दिया।
कार्यक्रम का समापन सह धार्मिक वात्सल्य के साथ संपन्न हुआ। आज शाम को मुमुक्षु बहन सांसारिक रस्मों को त्यागेगी। इस हेतु श्री संघ के सानिध्य में विदाई महोत्सव आयोजित किया गया है। जो मिडिल स्कूल ग्राउंड पर पर संपन्न होगा।