नीमच। हमारे द्वारा भूलवश अविनय, अशुद्धि, अपवित्रता हो जाती है माणिभद्र वीर पूजन किया जाता है। परमात्मा की असातना का त्याग करने से आराधना स्वीकार होती है। विध्न का नाश और शांति समृद्धि का वास कराने वाली पूजा होती है। इस पूजा से जो आभामंडल बनता है उससे पवित्रता स्थापित होती है। भावना शुद्ध होती है और इस क्षेत्र में उपद्रव नहीं होते हैं। सुख शांति का वास होता है और मन पवित्र होता है।
यह बात आचार्य श्री विश्वरत्न सागर सूरीश्वर जी महाराज साहब ने कही वे। श्री जैन श्वेतांबर भीड़ भंजन पार्श्वनाथ मंदिर ट्रस्ट श्री संघ नीमच के तत्वावधान में आयोजित अष्टानिका महोत्सव की श्रृंखला में पुस्तक बाजार स्थित नूतन आराधना भवन में शनिवार सुबह आयोजित अभिषेक महापूजा में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि संसार में करोड़ों होने के बाद भी त्याग की भावना होना महत्वपूर्ण है। अनादि साध्वी महाराज साहब के जीवन की पहली पूजा है जो उनके लिए धर्म अध्यात्म के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा और मील का पत्थर साबित होगी।साध्वी अनादि प्रिया श्रीजी धर्म अध्यात्म के क्षेत्र में प्रगति करें।और वे धर्म अध्यात्म के क्षेत्र में नया इतिहास बनाएं। परमात्मा इनके आचार और चरित्र को महान बनाएं। किसी भी पूजा का फल कभी निष्फल नहीं जाता है। वह अवश्य मिलता ही है। इस पूजन से कष्टों का संहार होता है। और संकट टल जाते हैं। विधि कारक भजन गायक कलाकार मनीष मेहता ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन एवं हवन करवाया।
इस अवसर पर पाठ पर चंदन अक्षत पान फल निवेद्य श्रीफल से रंगोली सजाई गई। इस अवसर पर भजन गायक कलाकार श्री मेहता ने दीवाना तेरा आया है दादा तेरी नगरी में.. जीमो जीमो जी छप्पन भोग तैयार जी टाबरिया मनुहार करे भोग लगाओ मणिभद्र दादा पुण्य का आशीर्वाद दे दो... झीनी झीनी उड़े रे गुलाल... गुरु जी थारो चेलो बनु में ..ऊंचा अंबर थी ..आओ ने प्रभु जी दर्शन करवाने अखियां तरसे आप हो गुरु जी थारो चेलो बनु में...सूरज ने चांद दर्शन करवाने तरसे आपरी आदि विभिन्न भजन प्रस्तुत किए। श्रद्धालु झुमकर भक्ति नृत्य करने लगे । गुरु नवरत्न कृपा पात्र युवा हृदय सम्राट परम पूज्य आदरणीय श्री विश्वरत्न सागर सुरीश्वर जी महाराज आदि ठाणा 21, साध्वी नयप्रज्ञा श्रीजी ,परम पूज्य मुक्ति प्रिया श्री जी महाराज साहब, निधि रेखा श्री जी मसा आदि ठाणा 13 के सानिध्य तथा श्री जैन श्वेतांबर भीड़भंजन पार्श्वनाथ मंदिर ट्रस्ट श्रीसंघ नीमच के तत्वावधान में अष्टान्हीका महोत्सव, नूतन आराधना भवन का उद्घाटन सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है।
महोत्सव की श्रृंखला में श्री जैन श्वेतांबर भीड़भंजन पार्श्वनाथ मंदिर ट्रस्ट श्रीसंघ नीमच के अध्यक्ष अनिल नागौरी ,सचिव मनीष कोठारी ने बताया कि महोत्सव के निमित्त पुस्तक बाजार स्थित नवनिर्मित आराधना भवन एवं भीड़ भंजन पारसनाथ मंदिर को आकर्षक रंग-बिरंगे फूलों की बांदरवाल से सजाया गया है। सायं 7.30 बजे मातृ पितृ वंदना एवं रंगारंग भक्ति संध्या सुप्रसिद्ध कलाकार अनिल सालेचा ग्रुप मुंबई द्वारा मीडिल स्कूल ग्राउंड पर प्रस्तुत की गई।
नूतन आराधना भवन उद्घाटन जुलूस एवं सम्मान समारोह कल-
कल 5 मार्च रविवार को कोठारी परिवार के निवास स्थान बंग्ला नंबर 59 चौकन्ना बालाजी के पीछे आराधना भवन का उद्घाटन जुलूस 8.30 बजे प्रारंभ होगा। 10.30 बजे धर्म सभा में बहुमान समारोह जैन भवन पर तथा श्री संघ का साधार्मिक वात्सल्य 12.15 बजे आयोजित होगा।