मंदसौर/नीमच । गत दिवस हुई बारिश और ओलावृष्टि से अफीम काश्तकारों को तगड़ा नुकसान हुआ है। आर्थिक नुकसान के साथ ही अब पट्टा कटने का डर भी उन्हें सता रहा है। अफीम उत्पादन जिले में ओलावृष्टि ने अफीम काश्तकारों के लिए आफत खड़ी कर दी है। वर्तमान में डोडे पर चीरा लगाने के साथ ही अफीम निकालने का काम खेतों में चल रहा है।
ओलावृष्टि से डोडे और अफीम के पोधे कई जगहों से टूट गए है। इससे काश्तकारों को बड़ा नुकसान हुआ है। वहीं अफीम के डोडे से निकली अफीम भी बारिश में धुल गई है। लेकिन बड़ी विडम्बना तो यह है कि अफीम पर नुकसानी पर राहत का मापदंड नहीं है। ऐसे में किसानों पर अब मार्फिन पूरी नहीं होने पर पट्टे कटने की तलवार लटक गई है। ऐसे में किसान परेशान हो रहे है। जिले में सीतामऊ क्षेत्र के कयामपुर में बीती रात हुई ओलावृष्टि से किसानो को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है।
रबी सीजन में मौसम फिर खलनायक बना और किसानों की उम्मीदों पर आफत बनकर बरसा है। अब तक मौसम का साथ मिलने से रबी फसल बेहतर स्थिति में दिख रही थी और अब पकने लगी थी। गेहूं से लेकर अन्य जिंसों को निकालने का काम भी शुरु हो रहा था। ऐसे में अंतिम समय में आसमान से बारिश की बूंदो के साथ बरसे ओलो ने बड़ा नुकसान कर दिया है। बारिश और ओलो ने किसानों की उम्मीदों को भी धो दिया है और आफत के इन ओलो से किसान निराश है। ऐसे में अब फिर से मुआवजे की मांग जिलेभर से उठ रही है।