चीताखेड़ा। जिले में जहां विगत 2-3 दिनों से आसमान में घने बादल छाए हुए कहीं। कहीं तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई है तो कहीं हल्की बूंदाबादी का दौर चालु है। कल जीरन क्षेत्र की गाँव धामनिया जागीर और पठारिया में लगभग आधे घंटे से तेज़ बारिश हुई थी। आज सुबह से ही क्षेत्र में घने बादल देखे जा रहे थे। दोपहर होते होते आसमान से आफत की बारिश शुरू हो गई।
चीताखेडा में आज दोपहर में आफत की बारिश और ओलावृष्टि का दौर चल रहा है। साथ बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच दी है। इस समय रबी की सारी फसलें खेतों में पककर तैयार खड़ी है। ऐसे में ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ेगा। वहीं खासकर इसबगोल की फसल जो कि पानी गिरते ही खत्म हो जाती है और अफीम की फसल जिसमे वर्तमान में लूनी-चीरनी का काम अभी जारी है उन किसानो को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। आज जिन किसानों ने डोड़ो पर चीरा लगाया हैं उनका उन डोड़ो से निकला हुआ अफीम पानी के कारण धूल गया। जोकि अफीम काश्तकारों के लिए भारी नुकसान है।
अफीम काश्तकार राकेश शर्मा ने बताया कि बादलों को और मौसम को देखते हुए हमने आज आधी अफीम पर ही चीरे लगाए थे लेकिन इस आफत की बारिश से अब हमें नुकसान होता दिख रहा है, क्योंकि सारी अफीम पानी में बाह जाएगी।
क्षेत्र के किसानों ने मांग की है कि नुकसानी का जल्द से जल्द सर्वे कराया जाए और किसानों को राहत प्रदान की जाए।
वही समाचार लिखे जाने पर नीमच शहर और गांव धनेरिया कला क्षेत्र में तेज गर्जना के साथ बरसात शुरू हो गई। धनेरिया कला से हमारे साथी रतन पंडित ने जानकारी देते हुए बताया कि मक्का के दाने के आकार के ओले गिरने है। बेमौसम बरसात को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। वहीं खेतों में गेहूं और चने आदि की फसल कटी हुई पड़ी है। अफीम की फसल को तो ज्यादा नुकसान हुआ है।