नीमच। आज सैकड़ों की संख्या में मध्यप्रदेश मानसेवी आंगनवाडी कार्यकर्ताओं, मिनी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने अपनी मांगो और समस्याओं के निराकरण को लेकर नीमच कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के नाम ज्ञापन सौंपा।
जिलेभर से पहुंची आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, मिनी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने तहसीलदार एम एल वर्मा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि उन्हें शासकीय कर्मचारी घोषित किया जाए। मिनी आंगनवाड़ी केंद्र को मुख्य केंद्र बनाया जाए।सेवानिवृत्त सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को उनकी सेवा के अनुसार ग्रेच्युटी का भुगतान किया जाए। योग्यता के आधार पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं को पर्यवेक्षक के पद पर नियुक्त किया जाए और सीधी भर्ती पर रोक लगाई जाए। यह भी मांग की गई कि जब तक शासन हमको राज्य कर्मचारी का दर्जा नहीं देती है, तब तक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और मिनी कार्यकर्ताओं को 25 हजार व सहायिकाओं को 15000 मानदेय दिया जाए। राज्य सरकार व केंद्र सरकार के द्वारा 2 ऐप चलाए जा रहे हैं, इन दोनों को जोड़कर एक ही ऐप चलाया जाए। ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि उनकी मांगे पूरी नहीं होती है तो जिले की समस्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मिनी कार्यकर्ता और सहायिकाएं 15 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगी। ज्ञापन देने से पूर्व सैकड़ों की संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने नीमच डाक बंगले से रैली निकाली और यह रैली ग्वालटोली होते हुए कलेक्टर कार्यालय नीमच पहुंची।
ज्ञापन देने के बाद एसडीएम ममता खेड़े मानसेवी संगठन की अध्यक्ष पार्वती आर्य को लालपीली होती हुई नजर आई। एसडीम ममता खेड़े क्रोधित होकर कह रही थी कि तुम लोग बिना अनुमति के सैकड़ों की संख्या में इतना बड़ा हुजूम लेकर सड़कों पर उतर आए हो। कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी। ज्ञापन का वाचन आशा पाराशर ने किया।
ज्ञापन के दौरान सुमित्रा राठौड़, कैलाशी राठौर, सीमा उपाध्याय, हंसा गंधर्व, दीप्ति डांगी, पूजा जैन, आशा विश्वकर्मा एवं सैकड़ों की संख्या में मानसेवी संगठन की कार्यकर्ताए मौजूद रही।