नीमच। जिला चिकित्सालय नीमच में प्रसूता हेतु आई नवविवाहिता की मौत से बवंडर खड़ा हो गया है। परिजनों का कहना है कि निशा पति चेतन सोनी उम्र 26 वर्ष को मनासा से रेफर करने पर डिलीवरी हेतु नीमच जिला चिकित्सालय पर लाया गया था। क्योंकि मनासा चिकित्सालय से यह आश्वासन दिया गया था कि नॉर्मल डिलीवरी होगी। यहां आईसीयू की व्यवस्था नहीं है, इसलिए आप इन्हें नीमच जिला चिकित्सालय ले जाइए। जिला चिकित्सालय लाने पर भी यहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और नर्सों ने आश्वासन दिया कि नॉर्मल डिलिवरी होगी। चूंकि 4 बजे करीब निशा को नीमच जिला चिकित्सालय लाया गया था और रात में 10.30 बजे तक डिलीवरी ना होने पर यहां मौजूद नर्सिंग स्टाफ ने टॉयलेट में जाकर पुश करने की बात कही।
परिजनों का कहना है कि तब भी प्रसूति नहीं हुई तो नौसिखिया नर्सिंग स्टाफ ने एक इंजेक्शन लगा दिया, जिससे महिला को झाग आए और उसने बमुश्किल 1 मिनट में दम तोड़ दिया। रात को परिजनों द्वारा पुलिस में शिकायत की गई। अभी सुबह जिला चिकित्सालय पर भारी भीड़ जमा है। तहसीलदार कविता कड़ेला जिला चिकित्सालय में मौजूद है।
बताया जाता है कि निशा की शादी 1 वर्ष पूर्व ही हुई थी। ससुराल मंदसौर में है। वह डिलीवरी हैतू अपने पियर मनासा के बरलइ गांव में आई थी। परिजन जिला चिकित्सालय में डॉक्टरों के पैनल की निगरानी में पोस्टमार्टम की मांग पर अड़े हुए हैं। परिजनों का आरोप है की मौजूद डॉक्टर द्वारा केवल 2 मिनट पेशेंट के साथ जांच में दिए गए। साथ ही उन्होंने कहा कि जो स्टाफ मौजूद था वह पूरी तरह प्रशिक्षित स्टाफ नहीं है। पेशेंट के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था भी नहीं थी। परिजनों का कहना है कि जिला चिकित्सालय की स्थिति गांव के स्वास्थ्य केंद्र से भी बदतर है।
परिजन यह भी पीड़ा व्यक्त कर रहे हैं कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी कोई जनप्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा है। हमारी शिकायत पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। परिजनों द्वारा इस बात को लेकर भी हंगामा खड़ा किया जा रहा है कि डॉक्टर अकेला पोस्टमार्टम रूम में क्यों गया, जबकि हमारी मांग अनुसार पैनल के द्वारा पोस्टमार्टम किया जाना था।