मंदसौर। शहर में स्थित रामटेकरी क्षेत्र के रहने वाले दीपक रामचंदानी पिता जगदीश रामचंदानी एक बहुत ही गरीब परिवार से हैं तथा एक समय अपनी आजीविका चलाने के लिए लेडीज वियर की दुकान पर काम किया करते थे। यह सामान्य परिवार से हैं। इनकी उम्र अभी 30 वर्ष है। बहुत ही गरीब स्थिति होने के कारण यह अपना खुद की दुकान स्थापित नहीं कर पा रहे थे, लेकिन बैंक के माध्यम से इन्हे पता चला कि उद्यम क्रांति योजना का लाभ लेकर दुकान स्थापित की जा सकती है। इसके लिए उन्होंने उद्योग विभाग से संपर्क किया और वहां पर लोन के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। उद्योग विभाग ने इनका आवेदन जांच परख कर बैंक को पहुंचा दिया। भारतीय स्टेट बैंक ने इन्हें 18 लाख 75 हजार का लोन दे दिया। दीपक कहते हैं कि इससे पहले मैं विगत 8 वर्षों से फूड इंडस्ट्री जग्गाखेड़ी में काम करता था। जहां से मुझे बहुत कम मजदूरी मिलती थी और मेरे घर का खर्चा भी नहीं चलता था। बहुत ज्यादा आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। उस कारण समाज में भी इज्जत नहीं थी, लेकिन उद्यम क्रांति योजना से मुझे लाभ मिला और लोन लेकर मैंने लेडीज वियर की दुकान स्थापित की। जहां पर मैं अब सभी तरह के सामान बेचता हूं और इससे मुझे महीने के 20 से 30 हजार की आय प्राप्त होने लगी है। इस दुकान को स्थापित किए मात्र अभी 3 वर्ष हुए हैं। ये कहते हैं कि भविष्य में इस दुकान से महीने के 50 से 70 हजार रुपए माह के कमा लूंगा। दुकान स्थापित करने की वजह से अब परिवार में मेरा मान और सम्मान बढ़ा है। मेरी एक गुड़िया है। वह भी बहुत ही अच्छे इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ रही है। मेरा परिवार अब बहुत अच्छे से चल रहा है। इसके लिए मैं सरकार को बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं।
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