नीमच। जल जीवन मिशन के अंतर्गत नीमच जिले ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। विकासखंड मनासा की ग्राम पंचायत डायली के अंतर्गत आने वाला मोखमपुरा गांव जिले का पहला ऐसा ग्राम बन गया है, जहां प्रत्येक घर तक नल के माध्यम से 24 घंटे पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। यह उपलब्धि मध्य प्रदेश जल निगम द्वारा संचालित गांधी सागर द्वितीय ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना के तहत प्राप्त हुई है।
इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में ग्राम मोखमपुरा में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मध्य प्रदेश जल निगम, भोपाल के प्रबंध संचालक के.वी.एस. चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने ग्राम का निरीक्षण कर मोखमपुरा को जिले का पहला 24 घंटे पेयजल आपूर्ति वाला ग्राम घोषित किया।
महिलाओं को मिली बड़ी राहत-
कार्यक्रम के दौरान प्रबंध संचालक चौधरी ने ग्रामीण महिलाओं से संवाद कर योजना के प्रभाव की जानकारी ली। महिलाओं ने बताया कि पहले उन्हें पेयजल के लिए गांव से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित कुएं तक जाना पड़ता था, जिससे समय और श्रम दोनों की अधिक आवश्यकता होती थी। अब घर-घर नल कनेक्शन मिलने से उनकी दैनिक समस्याओं का समाधान हो गया है और उन्हें बड़ी राहत मिली है।
घर-घर पहुंचकर किया निरीक्षण-
निरीक्षण के दौरान प्रबंध संचालक ने गांव के विभिन्न घरों में पहुंचकर नल कनेक्शनों की जांच की। उन्होंने पेयजल की उपलब्धता, जल दबाव एवं गुणवत्ता का अवलोकन किया तथा योजना के संचालन पर संतोष व्यक्त किया।
अधिकारी एवं ग्रामीण रहे उपस्थित-
कार्यक्रम में जल निगम के मुख्य महाप्रबंधक के.एम. मुद्गल, महाप्रबंधक डी.के. बिजोरिया, तकनीकी प्रबंधक सोनम चौहान, जनसहभागिता प्रबंधक दिनेश चंद्र उपाध्याय सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी, अभियंता एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इसके अलावा ग्राम सरपंच बैंसला, डायली एवं मोखमपुरा के ग्रामीण महिला-पुरुष बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल हुए।
ग्रामीणों ने जल जीवन मिशन के तहत मिली इस सुविधा को गांव के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए शासन एवं जल निगम के प्रति आभार व्यक्त किया।