चित्तौड़गढ़। जिले के पारलिया गांव में एक राष्ट्रीय पक्षी मोर के गहरे खुले कुएं में गिर जाने से हड़कंप मच गया। करीब 60 फीट गहरे कुएं में फंसे मोर की जान बचाने के लिए वन विभाग और चित्तौड़गढ़ वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण समिति (CWECS) की टीम ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला।
जानकारी के अनुसार मोर अचानक खुले कुएं में गिर गया था। कुएं की गहराई, संकरी दीवारों और नीचे भरे पानी के कारण उसकी जान पर खतरा मंडरा रहा था। ग्रामीणों ने मोर को कुएं में संघर्ष करते देखा और तत्काल वन विभाग को सूचना दी।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम एवं चित्तौड़गढ़ वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण समिति के सदस्य मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि मोर बेहद घबराया हुआ था और बाहर निकलने के प्रयास में बार-बार फड़फड़ा रहा था, जिससे उसके घायल होने की आशंका बढ़ रही थी।
स्थिति को देखते हुए समिति के सदस्य पीयूष कांबले सुरक्षा उपकरणों एवं रस्सियों की सहायता से कुएं में उतरे। सावधानीपूर्वक किए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान उन्होंने मोर को सुरक्षित पकड़कर ऊपर पहुंचाया। जैसे ही मोर को सकुशल बाहर निकाला गया, मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
रेस्क्यू के दौरान मोर के घायल होने की जानकारी मिलने पर वन विभाग की टीम उसे तत्काल उपचार के लिए पशु चिकित्सालय लेकर गई, जहां उसका इलाज और स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है।
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार मोर भारत का राष्ट्रीय पक्षी होने के साथ-साथ जैव विविधता का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस तरह के रेस्क्यू अभियान वन्यजीव संरक्षण के प्रति समाज और स्वयंसेवी संगठनों की सक्रिय भागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण हैं।