नीमच। फर्जी व्यक्ति खडा कर जमीन की फर्जी रजिस्ट्री व अनुबंध कर करोडों की ठगी को अंजाम देने वाले गिरोह के मुख्य सरगना बंशी बंजारा सावनकुंड, मनासा को पुलिस ने तीन जून तक रिमांड पर लिया है। पुलिस पूछताछ में जुटी हुई है कि उसने मध्यप्रदेश और राजस्थान में इस तरह की वारदातों को कहां-कहां अंजाम दिया और इस गिरोह में कौन-कौन लोग शामिल है।
कुख्यात महाठग बंशी बंजारा के तीन-चार मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल्स व अन्य डाटा के जरिए उससे जुडे हुए बदमाशों की धरपकड जारी है। आरोपी के घर पर कई चेक व कई जमीनों के दस्तावेज पुलिस के हाथ लगे है, जिनके भूमि स्वामियों के नकली आधार कार्ड बनाकर वह दूसरे व्यक्ति का फोटो लगाकर जमीन का सौदा कर करोडों की ठगी को अंजाम देने की योजना में था। नीमच सिटी थाना पुलिस ने मध्यप्रदेश और राजस्थान के कई थानों से इस तरह की ठगी के बारे में जानकारी मांगी है। वहीं हिस्ट्रीशीटर बदमाश बंशी बंजारा का फोटो भी जारी किया है, ताकि ठगी का शिकार लोग उसकी शिनाख्त कर शिकायत करें।
नीमच में फर्जी व्यक्ति को खडा कर दूसरे व्यक्ति के नाम से राजस्व रिकार्ड में दर्ज जमीन की फर्जी रजिस्ट्री करवा कर 75 लाख हडपने के मामले के अलावा कई कारनामें कुख्यात बंशी बंजारा ने किए है, लेकिन भूमिगत होने के कारण लोग थक हारकर बैठ गए। धोखाधडी और ठगी का गिरोह बंशी बंजारा बीते दस वर्षों से संचालित कर रहा था, इसके सदस्य कई जगहों पर सक्रिय है, ऑनलाइन सेंटरों और जमीनों की सौदेबाजी में लिप्त दलालों के संपर्क में यह रहते थे और जमीनों के दस्तावेज निकालकर गिरोह में शामिल सदस्य को ही जमीन मालिक बताकर करोडों रूपए ये लोग ऐंठ चुके है। ये बदमाश अपने आसपास इस तरह से आभा मंडल बनाते थे कि वाकई में इनकी बहुत पकड है, लेकिन ये तमाम बातें हवा में करते थे। लोगों को फंसाने की एक तरह की इनकी कला है, मंदसौर जिले में भी कुछ लोगों से इस तरह की धोखाधडी को अंजाम दे चुके है। पूर्व में इनका साथी शैलेंद्र उर्फ अजय उर्फ कालू पिता पप्पूदास बैरागी निवासी पिपलोन पकडा चुका है, जो वर्तमान जेल में है। पुलिस ने राजस्व विभाग ने बंशी बंजारा की चल-अचल संपत्ति की जानकारी मांगी है।
जांच अधिकारी एएसआई असलम पठान ने बताया कि आरोपी बंशी बंजारा बहुत ही शातिर दिमाग का है और झूठ बोलने में माहिर है, बडे ही कलाकारी से ठगी को अंजाम देते थे, आरोपी से लगातार पूछताछ जारी है। 3 जून 2023 तक आरोपी को रिमांड पर लिया है, रिमांड के दौरान पुलिस कई जानकारी जुटाने में लगी हुई है। ठगी की राशि और अन्य दस्तावेजों को भी जब्त करना है, गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में भी पूछताछ जारी है। इस गिरोह का पूरा सफाया करने के लिए पुलिस कडी कार्रवाई कर रही है, ताकि आने वालें सालों में इस तरह का कोई गिरोह पनपे नहीं।