नीमच। अरावली पर्वतमाला की सुरम्यवादियों में मध्यप्रदेश एवं राजस्थान की सीमा पर स्थित रूपपुरा गाँव जो कभी पीने के पानी के संकट से झुँझ रहा था, लेकिन लोक स्वास्थ्य यान्त्रिकी विभाग ने यहाँ जल जीवन मिशन के अन्तर्गत ग्रामीण नल जल योजना के तहत विभिन्न कार्य पूर्ण कर, ग्रामीणों की प्यास बुझाई। रूपपुरा के लोग अब प्रतिदिन स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण जल पी रहे है।
रूपपुरा गाँव नीमच जिले की जावद तहसील अन्तर्गत पंचायत मुख्यालय है। यह नीमच से 24 किलोमीटर और तहसील मुख्यालय जावद से 9 किलोमीटर दूर जावद-मोरवन मार्ग पर मुख्य सड़क से 2 किलोमीटर उत्तरदिशा में अरावली की तलहटी में बसा है। रूपपुरा गाँव कभी बूंद-बूंद पानी को तरसता था मगर आज इस गाँव की महिलाएँ यहॉं नल कनेक्शन हो जाने से ख़ुशी का इज़हार कर रही हैं।
नल जल योजना की जानकारी देते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री एस.सी.जलोनिया ने बताया, कि विभाग द्वारा ग्राम रूपपुरा में उच्य स्तरीय टंकी का निर्माण किया गया है जिसकी क्षमता 1. 25 लाख लीटर है। दो नलकूपों का पानी संग्रहीत करने के लिए 30 हज़ार लीटर क्षमता का सम्पवेल बनाया गया है, जिसका पानी उच्य स्तरीय विद्युत मोटरों से पानी चढाया जाता हैं।
जलोनिया ने बताया कि योजना में 90 मी.मी. व्यास की 3955 मीटर राइजिंग मेन लाइन बिछाई गई है, वहीं 110 मी.मी. की 1355 मीटर एवं 90 एम.एम. की 6930 मीटर पाइप लाइन डाली गई हैं। गाँव की नई आबादी सहित विभिन्न मोहल्लों में 727 नल कनेक्शन दिए गए है। जिनके माध्यम से ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति हो रही हैं।
रूपपुरा गाँव की नई आबादी निवासी शान्ति बाई पति मोहनलाल भील ने बताया कि पिछले सात-आठ महीने से हमारे घरों में नलों के माध्यम से प्रेशर के साथ पर्याप्त मात्रा में शुद्ध पानी आ रहा है। एक समय था जब हम दूर-दूर से पीने का पानी लाते थे । माथे पर पानी का ष् बेवड़ा ष्ला लाकर हमारे माथे मेंष्आटणष् तक पड़ जाते थे, अब कहीं जाकर हम राहत की सांस ले पाए हैं। क्योंकि पानी के लिए हमें कहीं भटकना नहीं पड़ता, बल्कि नल की टोटी खोलते ही पानी मिल रहा है।
इसी तरह गाँव की ही कैलाशी बाई भी अपने घर-आँगन में नल कनेक्शन लग जाने से बहुत खुश हैं। वह कहती हैं कि हमें रोज लगभग एक घंटा नल से पानी मिल रहा है जो हमारे प्रयाप्त है। उन्होंने बताया,कि हमारे घरों में नल कनेक्शन निःशुल्क हुए हैं। पानी के लिए ख़ूब मुशिबतें झेली, अब जाकर हमारे अच्छे दिन आये है। अब हमें घर बैठे पानी मिल रहा है। गाँव का ही हरिराम पिता भोला भील कहता है कि साब, हमारे घर ऊँची पहाड़ी पर स्थित है फिर भी हमें यहाँ बहुत तेज प्रेशर के साथ नलों के माध्यम से पानी मिल रहा है। कभी कभार बरसात में हवा-आँधी के कारण बिजली बंद हो जाने पर जरूर थोड़ी बहुत दिक्कत आती है लेकिन टंकी भरते ही पानी सप्लाय हो जाता हैं। गीता- पिता मोहनलाल भील ने भी अपने घर नल कनेक्शन लग जाने पर ख़ुशी ज़ाहिर करते हुए कहा कि भला हो सरकार का जिसने हमारी सुध ली और हमारे घर में नल लगवा दिये।
कैलाश बाई ने बताया कि हमारे यहां पानी की बहुत परेशानी थी। दूर-दूर से पानी लाना पड़ता था। कभी हैंडपंप तो कभी कुओं पर भटकना पड़ता था। अब घरों में नल लग जाने के बाद हमें शुद्ध पेयजल मिल रहा है। नलों के पानी से अब हमें किसी भी तरह की बीमारी का डर नहीं है।हमें एकदम साफ पानी मिल रहा है। ऐसी ही खुशी आशा पति गोविन्द भील, शारदा पति कन्हैया लाल भील ने भी जाहिर की है। ये सभी अपने घर में नल कनेक्शन लग जाने से खुश है।
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