उज्जैन। म.प्र. जनअभियान परिषद विकासखंड उज्जैन जिला उज्जैन में 5 जून पर्यावरण दिवस पर श्रमदान कार्यक्रम एवं नदी गहरीकरण कार्य ग्राम चंदेसरा में चयनित नदी चंदकेशरी नवांकुर संस्था जन अभियान परिषद एवं ग्राम पंचायत चंदेसरा के संयुक्त तत्वाधान प्रारंभ किया। इस अवसर पर विभाष उपाध्याय उपाध्यक्ष म.प्र. जन अभियान परिषद ने अध्यक्षता की। शिव प्रसाद मालवीय संभाग समन्वयक म.प्र. जन अभियान परिषद, सचिन शिम्पी जिला समन्वयक म.प्र. जन अभियान परिषद, संजय खंडेलवाल हार्टफुलनेस संस्था के पदाधिकारी पर्यावरण संरक्षण समिति के डॉ विमल गर्ग, राजीव पाहवा रूपांतरण सामाजिक संस्था, ग्राम पंचायत चंदेसरा के सरपंच पदमसिंह आंजना, अनीता सक्सेना संचालक जन शिक्षण संस्थान, रितेश श्रोत्रिय जिला समन्वयक यूनिसेफ मंचासीन रहे। अतिथियों द्वारा नदी का पूजन अर्चन कर गहरीकरण कार्य का शुभारंभ किया। इस पावन अवसर पर क्षिप्रा नदी को प्रवाहमान बनाने हेतु जल संरचनाओं के पुनर्जीवन कार्य के अंतर्गत चंद्र केसरी नदी गहरीकरण एवं संवर्धन कार्य को ष्श्रमदानष् के माध्यम से करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ राजेश रावल सुशील द्वारा सरस्वती वंदना कर प्रारंभ किया।
इस अवसर पर परिषद के उपाध्यक्ष उपाध्याय ने कहा कि चंदकेसरी नदी को प्रवाहमान बनाने के साथ नदी के दोनों ओर वृक्षारोपण कर हरियाली की चुनर ओढाने के सार्थक कार्य करना होगा। क्षिप्रा नदी उज्जैन की मोक्षदायिनी नदी है। माँ क्षिप्रा छोटी छोटी नदियों से ही प्रवाहमान बनेगी इसलिए नदी पर कार्य करने के साथ साथ समाज को जन जागरण कर इस प्रकार के कार्याे से जोड़ने का कार्य करना चाहिए।आपने कहा कि जल के महत्व को आम जन मानस को समझने की महती आवश्यकता है।नदियों ने हमेशा से ही निस्वार्थ भाव से मानव जाति की सेवा की है। नदी के धार्मिक और आध्यात्मिक महत्त्व है यहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु स्नान, पूजा आदि कार्यों करते है।
शिवप्रसाद मालवीय संभाग समन्वयक म.प्र. जन अभियान परिषद ने संबोधित करते हुए कहा कि परिषद के माध्यम से सामाजिक सरोकार को जोड़ते हुए आज पर्यावरण दिवस पर प्रकृति की धरोहर नदियों का गहरीकरण का कार्य एवं इनके किनारे पौधारोपण करने का कार्य ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति एवं सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से किया जा रहा है यह कार्य पर्यावरण सरंक्षण की दिशा में सराहनीय कार्य है।
सचिन शिम्पी जिला समन्वयक म.प्र. जन अभियान परिषद द्वारा अतिथि परिचय तथा श्रमदान की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिले के समस्त विकासखंडों में जल संवर्धन की दिशा में कार्य किये जा रहे है। कमल सिंह झाला जनपद सदस्य नरवर ने कहा कि जल को बचाने के लिए हम सब छोटे छोटे प्रयास से अधिक जल बचा सकते है जैसे गहरीकरण कर तालाबों का निर्माण कर पहाडी क्षेत्र में ट्रेंच बनाकर, जल संरक्षण कार्य कर सकते है। विकासखंड समन्वयक अरूण व्यास द्वारा चयनित नदी का ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व बताते हुए चंदकेसरी नदी के बारे में जानकारी प्रदान की।
इस अवसर पर ग्राम नवांकुर संस्था के जितेंद्र राठौर, विजय शर्मा, करुणा शितोले, देवेन्द्र वर्मा एवं रुपेश परमार परामर्शदाता सुनील बारोड, दीपक सिंह परिहार, अन्य ग्राम पंचायतों से अशोक परमार सरपंच मताना, देवराज चौहान सरपंच बोलासा, पदम सिंह, पोद्दार सामाजिक कार्यकर्ता, संतोष मंडारे सरपंच चंदेसरी, लक्ष्मण सिंह आंजना, देवनारायण जायसवाल, दीपक पंडया, अरूण परमार, शिवराजसिंह झाला, गंगाराम नायक, नरेश पटेल, जीवन मालवीय, ग्राम पंचायत सचिव माया परमार, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के पदाधिकारी, सीएमसीएलडीपी छात्र, जन शिक्षण संस्थान से प्रतिभागी, उपस्थित थे । श्रमदान कार्यक्रम के पश्चात नदी तट पर स्थित गौशाला में वृक्षारोपण किया गया । कार्यक्रम का संचालन डॉ राजेश रावल परामर्शदाता एवं आभार जितेन्द्र राठौर नवांकुर संस्था के सचिव ने माना।
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