नीमच। अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दुर्व्यवहार रोकथाम जागरूकता दिवस के अवसर पर भारतीय रेडक्रॉस समिति, नीमच द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, अधिकारों एवं कानूनी संरक्षण विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रेडक्रॉस समिति के सचिव डॉ. स्वप्निल वधवा ने कहा कि वृद्धजनों के प्रति संवेदनशीलता, सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा समाज की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों को सबसे अधिक आवश्यकता परिवार के समय और सहयोग की होती है, इसलिए सभी को उनके साथ समय बिताने और उनका सम्मान करने का प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम में पूर्व किशोर न्याय बोर्ड सदस्य डॉ. केके जैन ने वरिष्ठ नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों और संरक्षण संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वृद्धजन हमारे अनुभव, संस्कार और परंपराओं के संवाहक हैं। उनके साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार सामाजिक मूल्यों के विरुद्ध है और मानवीय संवेदनाओं को आहत करता है। उन्होंने परिवारों से बुजुर्गों को सम्मानजनक एवं सुरक्षित वातावरण प्रदान करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर योग शिक्षक गुणवंत गोयल, रेलवे पेंशनर्स संघ के सचिव जगमोहन कटारिया तथा रेडक्रॉस समन्वयक सुनील तिवारी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज की अमूल्य धरोहर हैं और उनके अनुभव एवं मार्गदर्शन से नई पीढ़ी को दिशा मिलती है। इसलिए उनके सम्मान और संरक्षण के प्रति समाज को अधिक जागरूक होने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान कर उनके योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। साथ ही वृद्धजनों के अधिकारों, स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विषयों पर सार्थक चर्चा की गई तथा उन्हें उपलब्ध कानूनी एवं सामाजिक सहायता संबंधी जानकारी भी प्रदान की गई।