भोपाल। विश्व पर्यावरण दिवस सोमवार को बीट प्लास्टिक पॉल्यूशन की थीम पर मनाया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा पर्यावरण रंगोली, नुक्कड़ नाटक, मानव श्रृंखला बनाकर पर्यावरण जागरूकता का संदेश दिया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के अमले द्वारा शिवाजी नगर चौराहे पर कार्यक्रम में पर्यावरणीय असंतुलन एवं सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रभावों को रंगोली बनाकर प्रदर्शित किया गया। ऊर्जा संरक्षण एवं पर्यावरण प्रदूषण से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव की जानकारी नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दी गई। साथ ही मानव श्रृंखला बनाकर पर्यावरण प्रदूषण को कम करने के लिए संकल्प किया गया।
इस अवसर पर जिले की सभी स्वास्थ्य संथाओं में भी औषधीय पौधे रोपे गए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रभाकर तिवारी ने बताया कि पर्यावरण प्रदूषण का नकारात्मक प्रभाव बुजुर्गों, गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों, गर्भवती महिलाओं एवं छोटे बच्चों पर अधिक होता है। व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए पर्यावरण की सुरक्षा करना बेहद जरूरी है। प्लास्टिक उपयोग भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। पर्यावरण असंतुलन के कारण ग्लोबल वार्मिंग तेजी से बढ़ रही है। दूषित वायु, दूषित जल और दूषित खाद्य पदार्थ हमारे स्वास्थ्य पर प्रत्यक्ष रूप से नकारात्मक प्रभाव डालते हैं।
वायु प्रदूषण का सबसे अधिक असर हमारे फेफड़ों पर पड़ता है। लू एवं तापघात की तीव्रता के साथ ही बाढ़, सूखा, अतिवृष्टि से मानव स्वास्थ्य प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होता है। पर्यावरण प्रदूषण एवं जलवायु परिवर्तन के कारण अस्थमा एवं श्वसन संबंधी बीमारियां, कैंसर, कार्डियोवैस्कुलर बीमारियां, स्ट्रोक, खाद्य जनित बीमारियां, मानसिक स्वास्थ्य, तनाव, न्यूरोलॉजिकल बीमारियां, वेक्टर बोर्न जल जनित एवं मौसमी बीमारियां परिलक्षित हो रही है। हमें यह संकल्प लेना बेहद आवश्यक है कि हम अपने आसपास के परिवेश में वायु प्रदूषण के सभी संभावित कारकों को कम करेंगे। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए अपने घरों खेतों एवं आसपास के परिवेश में बड़ी संख्या में पेड़ों को लगाकर उनका संरक्षण करेंगे। विश्व पर्यावरण दिवस पर आशा कार्यकर्ताओं द्वारा शिवाजी नगर के मुख्य सड़क मार्ग पर रंगोली सजाई गई।
जिसमें पर्यावरण प्रदूषण को कम करने के लिए निरंतर रूप से उपलब्ध खाद्य पदार्थों के उपयोग, ऊर्जा संरक्षण, जल संरक्षण, सिंगल यूज प्लास्टिक का बहिष्कार, सेहतमंद जीवन शैली अपनाने, ई वेस्ट को कम करने, कूड़ा कचरा कम करने एवं अपशिष्ट प्रबंधन की जानकारी प्रदर्शित की गई। रंगोली प्रदर्शन आशा कार्यकर्ता विमला रानी, गायत्री कंसोटिया, सरिता चांवरिया, ललिता चौरसिया, सीता वर्मा, चंद्रकला तुरकर, बबीता, मंजू जैन, निर्मला विश्वकर्मा, अनीता विश्वकर्मा रचना चौरसिया, अनीता बड़ोदे, रीना इंगले ने किया। इस अवसर पर त्रिकर्षी नाट्य संस्था द्वारा ऊर्जा संरक्षण एवं पर्यावरण प्रदूषण से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव की जानकारी नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दी गई।