झालावाड़। पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर ने बताया कि दिनांक 04.06.2023 को कलमंडी निवासी जुझारसिंह पुत्र नंदसिंह राजपूत ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उनके पिताजी नंदसिंह दिनांक 03 जून 2023 को सुबह घर से बकरी चराने के लिए कलमंडी के जंगल में गए थे जो शाम को घर वापस नहीं लौटे और बकरियां सुनी घर पर आ गई जिनमें एक बकरा कम था परिवारजनों ने नंदसिंह की आस पास काफी तलाश की परंतु रात तक कोई पता नहीं चला फिर दिनांक 04 जून 2023 को सुबह नंदसिंह तलवंडी के जंगल में हाथ पैर बंधे हुए स्थिति में मृत अवस्था में मिला। नंदसिंह की किन्हीं अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी थी इस पर जुझार सिंह ने थाने में प्रकरण दर्ज कर वारदात के खुलासे की बात कही।
मामले को संज्ञान में लेते हुए जिला पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अज्ञात लोगों द्वारा की गई चरवाहे की हत्या की वारदात को गंभीरता से लेते हुए वारदात में शामिल अभियुक्त की तलाश व वारदात के पर्दाफाश हेतु चिरंजीलाल मीणा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक झालावाड़ के निर्देशन में बृजमोहन मीणा पुलिस उप अधीक्षक, मुकुल शर्मा पुलिस उप अधीक्षक वृत झालावाड़ के सुपरविजन में महावीर सिंह थाना अधिकारी थाना कोतवाली झालावाड़ ,चंद्र ज्योति शर्मा थानाधिकारी थाना झालरापाटन, व विजय सिंह थाना अधिकारी थाना सदर झालावाड़ के नेतृत्व में अलग-अलग टीमों का गठन किया गया । घटनास्थल पर डॉग स्कॉड व एफएसएल टीम को बुलाकर साक्ष्य संकलन किया गया। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से वारदात के पर्दाफाश एवं अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु 5000 रूपये के इनाम की घोषणा की गई।
इस दौरान गठित टीमों को अलग-अलग टास्क दिया गया तो घटना के संबंध में जंगल में आसपास के क्षेत्र में बकरी चराने वाले अन्य चरवाहों व आसपास के गांवों के तेंदूपत्ता तोड़ने वाली महिलाओं व पुरुषों से जानकारी प्राप्त की गई। हजारों मोबाइल नंबरों को डाटा एनालिसिस किया गया। पूर्व के संपत्ति संबंधी अपराधियों को चिन्हित कर पूछताछ की गई तथा सूचना घटना के संबंध में इनपुट प्राप्त किए गए। घटना में शामिल अज्ञात अभियुक्त की तलाश के दौरान संदीप सोमरा हेड कांस्टेबल को मुकेश उर्फ़ लिमा उर्फ लिमचंद कंजर और उसका भाई बाबूलाल कंजर उर्फ़ बाबुड़िया निवासी बिरियाखेड़ी थाना सदर द्वारा बकरा चोरी के मंसूबों में कामयाब होने के लिए मृतक नंदसिंह की हत्या करने बाबत आज सूचना प्राप्त हुई दोनों अभियुक्त आपराधिक प्रवृत्ति के होकर विभिन्न थानों में चोरी, नकबजनी के प्रकरणों में वांछित चल रहे थे। जिनके ग्राम विरियाखेड़ी के खेतों में छिपे होने की सूचना प्राप्त होने पर एक योजना बनाकर भारी पुलिस बल के साथ घेर लिया व उनको दस्तयाब किया और घटना के संबंध में दोनों से पूछताछ की गई तो दोनों ने वारदात करना कबूला। दोनों अभियुक्त अपराधी प्रवृत्ति के हैं। अभियुक्त बाबू लाल उर्फ बाबू कंजर के विरुद्ध डकैती की योजना बनाने,जानलेवा हमले, लूट,चोरी, नकबजनी व अवैध हथियार रखने के पूर्व मे 16 अपराधिक प्रकरण तथा मुकेश कंजर के विरुद्ध भी समान प्रवृति के एक दर्जन पूर्व आपराधिक प्रकरण दर्ज है अभियुक्त से अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ की गई तो उन्होंने कोटा रेंज व सीमावर्ती राज्य मध्य प्रदेश क्षेत्र में लूट,नकबजनी व चोरी की आठ अन्य वारदात करना कबूल किया है उक्त वारदातों में अभियुक्तों की निशानदेही से 4 लाख रूपये कीमत की 5 चोरी की गई मोटरसाइकिल बरामद करने में भी सफलता अर्जित कि। अभियुक्त से वारदात में प्रयुक्त देशी कट्टा व बाइक बरामद करने के प्रयास जारी है अभियुक्त से और भी वारदातों का खुलासा होने की संभावना है।
कैसे देते थे वारदात को अंजाम देखिए तरीका
अभियुक्त ने पूछताछ पर बताया कि वह चोरी के उद्देश्य से मोटरसाइकिल से जंगल में घूमते रहते हैं जंगल में अकेले व्यक्ति को देख कर उसे देसी कट्टा दिखाकर डरा धमका कर चोरी व लूट की वारदात को अंजाम देते रहते थे घटना के दिन भी वह चोरी करने के उद्देश्य से मोटरसाइकिल से कलमंडी के जंगल में गए थे वहां मृतक जंगल में अकेला बकरी चराता हुआ नजर आया जिसे देखकर वह बकरा चोरी करने के आशय से उसके पास गए तथा स्वयं की भैंस खो जाने के बहाना बनाकर उसे बातों में लगा लिया तथा मृतक की कनपटी पर देसी कट्टा लगाकर डराया धमकाया मृतक द्वारा विरोध करने व मदद के लिए चिल्लाने पर उसे एकांत जंगल में ले गए तथा मृतक के हाथ पैर बांधकर उसके सिर पर चोट मार कर बेसुध कर एक बकरा चोरी कर मोटरसाइकिल पर रखकर जंगल से होते हुए गांव चले गए तथा बकरा को काट कर खा गए।