उज्जैन | 14 महीने में दूसरी बार अफसरों ने शिप्रा नदी के घाटों का दौरा किया। इस बार एक महीने में लगातार हुई छह मौत के बाद अफसरों को घाट पर पहुंचना मजबूरी हुई। इससे पहले अप्रैल 2022 में पांच महीने के दौरान हुई 25 से अधिक मौतों पर तत्कालीन कलेक्टर संग नगर निगम, जल संसाधन और स्मार्ट सिटी के इंजीनियर घाट पर पहुंचे थे, तब दावा किया था कि 13.30 करोड़ की राशि से घाटों पर ऐसी सुरक्षा कर देंगे कि जान नहीं जाएगी लेकिन हुआ कुछ नहीं।
इस बार वर्तमान कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने शुक्रवार को घाटों पर जाकर खुद खामियां पता की। बोले व दावा तो यहीं किया कि शनिवार से सुधार की शुरुआत दिखने लगेगी? घाटों पर सुरक्षा की अनदेखी के चलते शिप्रा नदी में एक के बाद एक छह मौतें जून में हो गई। इसे लेकर शुक्रवार को कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने खुद घाट पर पहुंचकर वास्तविकता पता की। नगर निगम, स्मार्ट सिटी, होमगार्ड विभाग समेत अन्य संबंधित विभागों के अफसर-इंजीनियरों को लेकर घाटों पर घूमे।
इस दौरान तैराक विनाेद चौऋषिया ने पानी में उतरकर कई जगह प्लेटफार्मों की तकनीकी गड़बड़ी व गहराई का लाइव डेमो किया। इसके बाद कलेक्टर कुमार ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही हड़काया। स्मार्ट सिटी से भी 13.30 करोड़ की राशि के टेंडर का भी पूछा तो वे हरिद्वार की तरह रेलिंग व डिजाइन का कहते हुए बात घुमाने लगे, ये सुन कलेक्टर ने निर्देश दिए उक्त ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड करते हुए तत्काल टेंडर निरस्त करे।
नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया होगी, जिसमें सिर्फ घाटों के प्लेटफार्म व रेलिंग को लेकर स्थायी काम होगा। कलेक्टर ने कहा कि फिलहाल कृषि विभाग के पास पुराने रेलिंग व जो पाइप रखे हुए, उन्हें लगवाने का काम शनिवार से ही शुरू हो जाएगा।
सिद्ध आश्रम पर जहां नहाने के लिए रस्सी बंधी, वहां आठ फीट गहरा पानी
कलेक्टर ने नाव में तैराकों को साथ ले गए। इस दौरान सिद्ध आश्रम घाट पर बड़ी खामी पकड़ में आई। यहां स्नान के लिए नदी में रस्सी बंधी जिससे श्रद्धालु ये मानकर उसमें उतर सके कि वे रस्सी तक तो सुरक्षित है लेकिन तैराक चौऋषिया ने बताया कि रस्सी के पास आठ फीट गहरा पानी है, इसके लिए वह नदी में उतरा तो हकीकत देख कलेक्टर ने तत्काल कहा कि इस घाट पर स्नान प्रतिबंधित करे। आगे ऐसे अन्य घाट भी चिह्नित करें व संकेतक व सूचना बोर्ड लगाए। होमगार्ड कमांडेंट संतोषकुमार जाट से भी कहा कि घाटों पर जवानों की सक्रियता बढ़ाए।
घाट पर तीन चरणाें में काम होगा। सबसे पहले खतरनाक घाट सिद्ध आश्रम पर स्नान प्रतिबंधित करेंगे व संकेतक लगेंगे। दूसरा शनिवार से कृषि विभाग द्वारा पाइप नदी में लगवाए जाएंगे। तीसरे चरण में घाट पर एक जैसे प्लेटफार्म व जंजीर का स्थायी काम होगा। सात दिन में दोबारा दौरा करूंगा।
-कुमार पुरुषोत्तम, कलेक्टर