सिंगोली। कस्बे में शनिवार को आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज से शिक्षा प्राप्त व वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री सुप्रभ सागर जी महाराज व मुनिश्री दर्शित सागर जी महाराज का कस्बे में भव्य मंगल प्रवेश हुआ।
शनिवार दोपहर डेढ़ बजे इस आशय की जानकारी देते हुए पारस जैन ने बताया कि सिंगोली कस्बे चातुर्मास हेतु पधारने से पूर्व मुनिश्री ने ससंघ शुक्रवार को झांतला से विहार किया तथा शाम को धनगांव पहुँचे जहाँ रात्रि विश्राम के बाद शनिवार सुबह 8 बजे सिंगोली पहुंचे। यहां दिगंबर जैन समाज द्वारा जैन मुनियों भव्य जुलूस के साथ कस्बे में मंगल प्रवेश करवाया गया।
बता दें कि कस्बे मे 18 सालों के अंतराल के बाद दिगम्बर जैन सन्तों का चातुर्मास हो रहा हैं। ऐसे में दिगंबर जैन समाजजनों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। इसके लिए जैन समाज द्वारा कई दिनों से तैयारी की जा रही थी तथा एक दिन पूर्व ही पूरे नगर को स्वागत द्वारों से सजाया गया।
शनिवार सुबह जैन समाज द्वारा बैंड बाजों, घोड़ों और तोप से फूलो की वर्षा कर संतों की जोरदार अगवानी की गई। मुनिश्री ससंघ के भव्य मंगल प्रवेश के दौरान बड़ी संख्या में जैन समाज की महिलाएं, बच्चे और पुरुष नाचते गाते चल रहे थे। नगर प्रवेश के दौरान जैन समुदाय द्वारा मुनिद्वय का जगह जगह पाद प्रक्षालन करके आरती उतारी गई और आशीर्वाद लिया गया। इस दौरान नगर सहित आसपास के क्षेत्र से जैन समाज के महिला पुरुष और बच्चे बड़ी संख्या में मौजूद रहे।