नीमच। शहर के नालों में जमा जलकुंभी से बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है। नगर पालिका ने मानसून की आमद के पूर्व इन नालों में से जलकुंभी निकालना तक उचित नहीं समझा। अब नागरिकों को झमाझम बारिश होने की स्थिति में बाढ़ का भय सता रहा है। शहर की निचली बस्तियों में रहने वाले नागरिक नपा के जनप्रतिनिधि व अधिकारियों को कौंसते नजर आ रहे हैं। नागरिकों ने कहा कि आगामी 05 जुलाई को सुबे के मुखिया शिवराज सिंह चौहान का नीमच आगमन हो रहा है। उन्हें नागरिकों की इस समस्या से अवगत कराया जाएगा।
आपकों बता दें कि शहर के जयसिंहपुरा रोड पर स्थित कच्ची बस्ती में सैकड़ों परिवार निवास करते हैं। यहां प्रत्येक वर्ष नपा की लापरवाही से वर्षाकाल में नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस बार भी इस क्षेत्र के लोगों को झमाझम बारिश की स्थिति में बाढ़ का भय सता रहा है। क्षेत्रीय रहवासियों का कहना है कि शहर के लगभग सभी नालों में गंदगी व जलकुंभी की भरमार है। ऐसी ही स्थिति शंभू वाले नाले की भी है। इस नाले में राजस्थान से पानी आता है। यदि जिले से लगे राजस्थान के क्षेत्रों में जोरदार बारिश होगी तो हमारे क्षेत्र में पानी भर जाएगा। नपा के जिम्मेदार अभी भी सुध नहीं ले रहे हैं।
कल हुई झमाझम बारिश ने खोली पोल-
शहर में कल मंगलवार को हुई मानसून की पहली झमाझम बारिश ने नगर पालिका के तमाम दावों की पोल खोल दी। फव्वारा चौक, टैगोर मार्ग व मूलचंद मार्ग सहित कई ऐसे क्षेत्र है जहां डेढ़ से दो फीट पानी सड़कों पर जमा हो गया। ऐसे में वाहन चालकों व राहगीरों के साथ ही क्षेत्रीय रहवासियों को भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा।
रहवासियों का दर्द-
‘शहर में नगर पालिका ने बारिश के पहले कोई इंतजाम नहीं किए हैं। कल हुई झमाझम बारिश ने नपा की पोल खोल दी है। अब नालों में जमा जलकुंभी कहीं नीमच में बाढ़ ना ला दें। जिम्मेदारों को इस ओर ध्यान देना चाहिए।- रजनीकांत, क्षेत्रवासी
‘जिले से लगे राजस्थान के क्षेत्रों में यदि जोरदार बारिश होती है तो उसका असर सीधे तौर पर यहां दिखाई देता है। अचानक नाले में तेज पानी का बहाव आता है। हर साल इस बस्ती के लोगों को बाढ़ का भय सताता है। नपा के जिम्मेदार ध्यान नहीं देते हैं। आगामी 05 जुलाई को सीएम नीमच आ रहे हैं। उन्हें समस्या से अवगत कराएंगे।- संजय यादव, क्षेत्रवासी