उज्जैन। महिदपुर के लोकार्पण समारोह में बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। मीनाक्षी नटराजन के नामांकन विवाद का बिना नाम लिए जिक्र करते हुए उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व और संगठन पर जमकर निशाना साधा।
मुख्यमंत्री ने मंच से कहा-
कांग्रेसी कान खोलकर सुन लें, महिलाओं के लिए तुमने कभी एक कौड़ी का काम नहीं किया। जब सरकार लाड़ली बहना योजना के तहत बहनों के खातों में पैसे भेजती है तो कांग्रेस के लोग कहते हैं कि महिलाएं उस पैसे से शराब पीती हैं। ऐसे बयान देने वालों को शर्म आनी चाहिए।
सीएम यहीं नहीं रुके। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पप्पू और पप्पू को चलाने वाले चप्पू, सब एक ही लाइन में खड़े हैं। पार्टी की कमान नौसिखियों को सौंप दी गई है। अब अगर कोई गाड़ी आगे बढ़ाने की बजाय पीछे ठोक दे, तो उसमें हमारा क्या दोष। कांग्रेस अपने कर्मों की सजा भुगत रही है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में महिदपुर के डोंगला का भी उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले समय में दुनिया अपनी घड़ियों का स्टैंडर्ड टाइम महिदपुर के डोंगला से तय करेगी, जो पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय होगा।
207 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महिदपुर और डेलनपुर में करीब 207 करोड़ रुपए की लागत से तैयार विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इनमें 188.42 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित सामाकोटा बैराज परियोजना प्रमुख रही। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद अनिल फिरोजिया, नागदा विधायक तेज बहादुर सिंह, घट्टिया विधायक सतीश मालवीय, महापौर मुकेश टटवाल सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
18 गांवों के किसानों को मिलेगा सिंचाई का लाभ
मुख्यमंत्री ने छोटी कालीसिंध नदी पर बने सामाकोटा बैराज का लोकार्पण करते हुए कहा कि इस परियोजना से क्षेत्र के 18 गांवों के 11 हजार से अधिक किसान परिवारों को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परियोजना का लाभ नलखेड़ा, पनोडिया, नीमखेड़ा, घट्टियाजस्सा, मेलाखेड़ी, खोरियापदमा, खेरला, लसूड़ियानहाटा, नागपुरा, छज्जुखेड़ी, देलाखेड़ी, डूंगरखेड़ी, खेड़ामद्दा, कसोन, महिदपुरिया, सोमचिड़ी और झारड़ा सहित कई गांवों को मिलेगा।
श्रीराम के चरण पड़े उन स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित करेंगे
मुख्यमंत्री डेलनपुर बालाजी धाम में आयोजित श्रीराम दरबार प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में भी शामिल हुए। उन्होंने ध्वज स्थापना, कलश प्रतिष्ठा और धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता की तथा धर्मसभा को संबोधित किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम जैसा परिवार और रामराज्य जैसी व्यवस्था हर व्यक्ति की इच्छा होती है। उन्होंने कहा कि अयोध्या के बाद अब चित्रकूट धाम को भी भव्य स्वरूप देने की दिशा में सरकार काम कर रही है। जहां-जहां भगवान श्रीराम के चरण पड़े हैं, उन सभी स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने डेलनपुर बालाजी धाम में फर्श और बाउंड्री वॉल निर्माण की घोषणा भी की।
अन्य विकास कार्यों का भी लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 19 करोड़ रुपए से अधिक लागत के अन्य विकास कार्यों का भी लोकार्पण किया। इनमें उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत 4.35 करोड़ रुपए की लागत से बने महाविद्यालय भवन, सेमलिया, महिदपुर रोड और कुंडीखेड़ा में कन्या विद्यालय भवन, मोचीखेड़ा में 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र तथा झारड़ा क्षेत्र के 13 उप स्वास्थ्य केंद्र भवन शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है, ताकि गांवों तक विकास का लाभ पहुंच सके।