खरगोन। शहर के जिला अस्पताल में पदस्थ एक नर्सिंग ऑफिसर ने पारिवारिक विवादों से परेशान होकर आत्महत्या का प्रयास किया। जानकारी के अनुसार महिला ने सल्फास की गोली खा ली, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। समय रहते परिजनों और चिकित्सकों की मदद से उन्हें जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
उपचाररत नर्सिंग ऑफिसर अर्चना बिडारे ने बताया कि उनका विवाह वर्ष 2014 में खरगोन शहर के दांगी मोहल्ला निवासी दीपक बिडारे से हुआ था, जो वर्तमान में जेल प्रहरी के पद पर पदस्थ हैं। पीड़िता का आरोप है कि पति द्वारा लगातार पैसों की मांग की जाती थी और घरेलू विवादों के चलते वह मानसिक रूप से परेशान थीं।
अर्चना बिडारे का कहना है कि उन्होंने अपनी नौकरी की तनख्वाह से लगभग 73 लाख रुपये की बचत की है, जिस पर उनके पति सहित सास-ससुर, देवर और ननद की नजर है। पीड़िता और उनके पिता रेवाराम वर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में पति द्वारा इंदौर में प्लॉट खरीदा गया, जिसमें भी अर्चना ने 12 लाख रुपये दिए, लेकिन इसके बावजूद व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया।
पीड़िता के मायके पक्ष ने पति दीपक बिडारे सहित पूरे ससुराल पक्ष के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।