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July 19, 2023, 8:28 pm
KHABAR : भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ, प्रथम दिन भगवताचार्य पं. पौराणिक ने कहा- वेदों का सार है श्रीमद् भागवत, पढ़े खबर 

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नीमच। भागवत श्री कृष्ण का वांग्मय स्वरूप है इसके श्रवण से कष्टों का सहार होता है। भागवत वेदों का सारांश है। भागवत कथा श्रवण करने से संसार की हर समस्या का निराकरण इसमें मिलता है। यह बात भगवताचार्य पंडित कपिल पौराणिक बड़ावदा वाले  ने कहीं। वे भोलाराम कंपाउंड में क्षेत्रवासियों द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा के शुभारंभ अवसर पर बोल रहे थे। 
उन्होंने कहा कि भागवत श्रवण करने से मनुष्य तो क्या प्रेतात्मा को भी मुक्ति मिल जाती है। भागवत भक्ति सत्संग संस्कार के प्रदाता है। यदि नियमित भागवत श्रवण करें तो दुख कभी आएंगे ही नहीं। समय खराब हो तो परिवार भाई बंधु रिश्तेदार सभी साथ छोड़ देते हैं, लेकिन यदि भागवत श्रवण की है तो यह भक्ति संकट के समय सहयोग करती है और दुखों को दूर करने में सहायक बनती है। यदि लक्ष्मी की कृपा चाहिए तो महिलाएं अपने पति परमेश्वर नारायण के स्वरूप पांव दबाकर चरण वंदना सेवा करें। पति की सेवा नारायण की सेवा होती है और नारायण प्रसन्न होते हैं तो लक्ष्मी की कृपा अवश्य होती है। पुरुषोत्तम मास में पति की सेवा का फल दुगना मिलता है। लोभ का बाप पाप होता है। जन्म देने वाली मां से पालने वाली मां बड़ी होती है। प्रथम गुरु मां होती है इसलिए मां का सम्मान करना चाहिए और उनके बताए संस्कारों से जीवन का कल्याण करना चाहिए। महाराज श्री ने सत्यवती के पुत्र वेदव्यास का जन्म, नारद मुनि, गंधर्व विवाह, नाथरा प्रथा आदि के महत्व पर वर्तमान परिपेक्ष में प्रकाश डाला।
श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा की अमृत कथा का शुभारंभ आज 19 जुलाई बुधवार को सुबह 9ः30 बजे भोलाराम कंपाउंड स्थित शिव मंदिर में पूजा अर्चना के बाद अमृत जल कलश यात्रा से हुआ। संगीतमय श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ कथा प्रतिदिन 19 से 25 जुलाई तक दोपहर 2 से 5 बजे तक आयोजित होगी। बुधवार को कलश यात्रा भोलाराम कंपाउंड से प्रारंभ होकर दाना गली, 40 चौराहा, पुस्तक बाजार, श्री राम मंदिर होते हुए पुनः श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा भक्ति पंडाल में पहुंचकर धर्म सभा में परिवर्तित हुई।

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