मंदसौर। सांसद सुधीर गुप्ता ने केन्द्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री से प्रश्न करते हुए कहा कि सरकार का विचार माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण (संशोधन) विधेयक, 2019 में संसोधन करने का है । इसका ब्यौरा क्या है। क्या सरकार द्वारा इस मामले की जांच करने के लिए किसी समिति का गठन किया गया है। क्या समिति ने सरकार को अपनी सिफारिश प्रस्तुत कर दी है। यदि नहीं, तो इसे कब तक प्रस्तुत किए जाने की संभावना है । सांसद गुप्ता ने कहा कि केन्द्र सरकार ने राज्य सरकारों को वरिष्ठ नागरिकों की सहायता के लिए एक हेल्पलाइन नंबर शुरू करने का निर्देश दिया है और यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है और इस संबंध में राज्य सरकारों की क्या प्रतिक्रिया है।
प्रश्न के जवाब में सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री सुखी प्रतिमा मौगिक ने बताया कि माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण (संशोधन) विधेयक 11 दिसंबर 2019 को लोकसभा में प्रस्तुत किया गया था। लोकसभा की स्थायी समिति ने 1 फरवरी 2021 को इस विभाग को अपनी सिफारिश भेजी। विधायी विभाग के परामर्श से इन सिफारिशों को समुचित रूप से शामिल किया गया है।सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय राज्य सरकार के परामर्श से वरिष्ठ नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए दुहार तथा बचाव के मामलों में मुफ्त जानकारी मार्गदर्शन, भावनात्मक सहयोग तथा फील्ड इंटरवेंशन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एल्डरलाइन राष्ट्रीय चरित नागरिक हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर 14567 नाम से एक स्कीम चला रहा है। वर्तमान में हेल्पलाइन नंबर 31 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में चालू है।