BREAKING NEWS
रतलाम जिले केजावरा ग्रामीण पुलिस की बड़ी.. <<     शाजापुर जिले के धेनुक ग्राम में भागवत.. <<     KHABAR : राज्यसभा चुनाव विवाद, नीमच में युवा.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : 10 दिन तक संस्कारों की पाठशाला, पुरस्कार.. <<     BIG NEWS : रतनगढ़ पुलिस का तस्करों पर शिकंजा,.. <<     BIG NEWS : एमपी में प्री-मानसून की एक्टिविटी जारी,.. <<     विदेशों में गूंजेगा सनातन का डंका,श्रीलंका.. <<     NEWS : चित्तौड़ दुर्ग पर प्रशासन का बड़ा एक्शन,.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     BIG NEWS : मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर.. <<     NEWS : केन्द्र एवं राज्य सरकार की उपलब्धियों पर.. <<     KHABAR : बागेश्वर धाम महाराज धीरेंद्र कृष्ण.. <<     KHABAR : रोटरी क्लब नीमच में दानवीरों का सम्मान,.. <<     KHABAR : ग्राम धेनुका में चल रही भागवत महारानी कथा.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : कांग्रेस के आरोपों पर विधायक मारु का.. <<     KHABAR : सोमवती अमावस्या पर महासंयोग, नर्मदापुरम.. <<     BIG REPORT : रतलाम पुलिस का मादक पदार्थ तस्करों पर.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
August 9, 2023, 2:22 pm
KHABAR : स्कूल में अव्यवस्थाओं को लेकर बच्चे हैं परेशान, शिक्षक कह रहे हैं कि खाना किचन सेट में नहीं बनता, समूह वाले घर से बना कर लात, पढे़ अबरार पठान की खबर  

Share On:-

खरगोन। स्कूल में अव्यवस्थाएं कैसे पढ़ेंगे आगे बढ़ेंगे खरगोन जिले के ग्राम कोठा बुजुर्ग के नन्हे-मुन्ने शौचालय तो बना हुआ है। लेकिन पानी बाल्टी भर के अंदर ले जाना पड़ता है। शिक्षक का कहना है कि बच्चे अपने घर से ही फ्रेश होकर आते हैं। किचन सेट बना है, जिसकी हालत जर्जर है, खुद शिक्षक कह रहे हैं कि खाना किचन सेट में नहीं बनता, समूह वाले घर से बना कर लाते हैं। बारिश होती है तो छत टपकती है, शिक्षक के हिसाब से, उस रोज छुट्टी करना पड़ती है 2 साल पहले स्कूल का श्याम पाठ उखड़ चुका है। अभी तक दुरुस्त नहीं हो पाया। पहली कक्षा से पांचवी तक साठ बच्चे दर्ज हैं, नई शिक्षा नीति सरकार ने बना दी है। लेकिन नई शिक्षा बच्चों को मिलना प्रारंभ नहीं हुई है ,शिक्षक दो हैं। एक अभी चार रोज पहले आए हैं, मिलाकर 3 हो गए हैं ,कक्षाएं 5 शिक्षक तीन एक शिक्षक को चुनावी काम में लगा दिया जाता है, बचते हैं दो कक्षाएं 5। स्कूल के 2 कमरों में 5 कक्षाओं के बच्चे बैठते हैं। स्कूल से सटकर किसी का बाड़ा हैं। भैंस खिड़की से स्कूल में हो रहे, क्रियाकलाप देख रही है। गांव में सक्षम लोगों के बच्चे, जिनकी संख्या लगभग 200 से ऊपर होगी निजी स्कूलों में पढ़ने जाते हैं। गरीबों के बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं। बच्चों का स्तर भी आप देख सकते हैं कोई सही ढंग से पहाड़े नहीं बोल पाता तो किसी को अपना नाम अंग्रेजी में नहीं लिखते आता। जब सरकारी स्कूल की व्यवस्थाएं ऐसी होगी तो कौन समझदार व्यक्ति अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ा कर भविष्य बिगाड़ेगा। 
 

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE