कटनी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज केड़िया और आरआई पर प्रताड़ना का आरोप लगाकर जहरीले पदार्थ का सेवन करने वाले प्रधान आरक्षक अरविंद कुमार मरावी के पक्ष में ओबीसी महासभा ने कार्रवाई की मांग को लेकर कलेक्टेªट के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
इस दौरान पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की गई। ओबीसी महासभा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने डिप्टी कलेक्टर को मुख्यमंत्री और डीजीपी के नाम ज्ञापन सौंपा है। ओबीसी महासभा ने ज्ञापन के माध्यम से प्रताड़ित करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान जिला अध्यक्ष बीके पटेल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रिय दर्शन गौर, ओबीसी नेता महेंद्र गुड्डू सोनी, पिछड़ा वर्ग अध्यक्ष नारायण निषाद, ब्लॉक अध्यक्ष रवि शर्मा, वासू बर्मन, दुर्गा आदिवासी, रामेश्वर लोधी, ओपी चक्रवर्ती, राजू राव, गोरे आदिवासी, गैलूं आदिवासी, चंदोला आदिवासी, महेश केवट, बबलू नामदेव, संजय कुशवाह, कांता कुशवाहा, सुरेश कुशवाहा सहित अन्य कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही।
बतादें कि पुलिस लाइन में पदस्थ प्रधान आरक्षक अरविंद कुमार मरावी का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। जिसमें प्रधान आरक्षक यह कहते दिखाई दे रहा था कि मैं आत्महत्या करना चाहता हूं। अधिकारियों के टॉर्चर के कारण ऐसा करना चाहता हूं।
वीडियो में प्रधान आरक्षक अरविंद कुमार मरावी कह रहा था कि उसे जबरन पुलिस लाइन से एडिशनल एसपी के यहां भेजा जा रहा है और वहां में वह नहीं जाना चाहता है। जिसके बाद प्रधान आरक्षक को एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से इलाज के बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया गया है।
वहीं इस मामले में एएसपी मनोज केड़िया का कहना था कि पांच दिन पहले एडिशनल एसपी के यहां ड्यूटी लगाई गई थी। लेकिन वह नहीं आया, जानकारी दी गई कि उसकी आंखों में कंजेक्टिव वायरस की शिकायत है। इस बीच शाम को पता चला कि वह अत्यधिक नशे में है, उसकी खोजबीन कराई गई। रात करीब दस बजे उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। नशे में उसने क्या बात कही है, इसकी जांच की जाएगी।