चित्तौड़गढ़। श्री सांवलिया जी में चतुर्दशी पर भंडारा खोला गया। भीड़ ज्यादा होने के कारण नोटों को सिर्फ संभाला गया, लेकिन गिनती नहीं की गई। भंडारे से पहले चरण में लगभग चार करोड़ रुपए की राशि निकली है। बुधवार को अमावस्या होने के कारण गिनती नहीं की जाएगी। एक महीने बाद जलझूलनी एकादशी पर विशेष मेला भरेगा। मंदिर कमेटी ने अभी से उसकी तैयारियां शुरू कर दी है।
अमावस को बंद रहेगी काउंटिंग-
हर महीने की तरह इस महीने भी चतुर्दशी पर भंडारा खोला गया लेकिन, भंडारे से निकली हुई राशि की गिनती नहीं की गई। इस समय आने वाले पर्यटक को और भक्तों की संख्या ज्यादा होने के कारण भंडारे की राशि को समेट कर रखा गया है। अंदाजन चार करोड़ की राशि निकाली गई है। मंदिर मंडल के अध्यक्ष भैरूलाल गुर्जर ने बताया कि आज अमावस्या होने के कारण गिनती नहीं की जाएगी। इसकी गिनती गुरुवार को की जाएगी और रुपए भी बैंक में जमा किए जाएंगे। मंदिर में अमावस्या के दिन लाखों भक्तों की भीड़ उमड़ती है। मंदिर मंडल के सभी कर्मचारी व्यवस्थाओं में लगे होते हैं। इस दौरान काउंटिंग बंद रखी जाती है। भंडारे खोले जाने के दौरान मंदिर मंडल के सदस्य भैरूलाल सोनी, संजय मंडोवरा सहित कई कमेटी मेंबर मौजूद थे।
आगामी मेले की हो रही तैयारियां-
आगामी महीने में 24, 25 और 26 तारीख को तीन दिवसीय जलझूलनी एकादशी का मेला भरेगा। श्री सांवलिया जी में यह मेल बड़े स्तर पर होता है। मंदिर कमेटी की ओर से इस मेले की तैयारियां शुरू कर दी गई है। मंदिर में कार्रवाई जारी 3डी मैपिंग लाइटिंग भी मेले से पहले ही शुरू कर दी जाएगी। यह लाइट इंग एडीएम चित्तौड़गढ़ और मंदिर मंडल के सीईओ अभिषेक कोयल द्वारा करवाई जा रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस लाइटिंग के बाद पर्यटकों का चित्तौड़गढ़ में ठहराव होगा।