BREAKING NEWS
9 दिनों में हुई तीन वारदातों का खुलासा,.. <<     गुना में सद्भावना सम्मेलन का आयोजन, सामाजिक.. <<     रतलाम के शेरपुर में निकली भव्य नवांकुर सखी.. <<     BIG NEWS : नीमच में अगस्त माह की इन दो तारीखों को.. <<     NEWS : धमोतर विकास अधिकारी राकेश कुमार निनामा.. <<     KHABAR : एनएसएसजी ग्रीन बेल्ट पर शान से लहराया.. <<     राजनगर में निकली विशाल जलाभिषेक यात्रा,.. <<     BIG NEWS : भगवान पशुपतिनाथ की पालकी सवारी कल,.. <<     KHABAR : दारुल उलूम इमाम अहमद रजा में देशभक्ति के.. <<     VIDEO NEWS: MP की जेलों में स्वतंत्रता दिवस पर बड़ा.. <<     शाजापुर जिले के पोलायकलां से निकली भव्य.. <<     विदिशा के बरखेड़ा जागीर में रविदासिया धर्म.. <<     BIG VIDEO: MP में खेलों को लेकर CM मोहन यादव का बड़ा.. <<     KHABAR : शिक्षा की चमक से रोशन हुआ समाज, वैष्णव.. <<     BIG NEWS : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने.. <<     बारिश के बीच झाबुआ में गूंजा देशभक्ति का.. <<     महेश्वर में स्वतंत्रता दिवस समारोह के मंच पर.. <<     BIG NEWS : मानसून ने बदली चाल, नीमच-मंदसौर में थमी.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
August 19, 2023, 11:00 am
BIG NEWS : मत्स्याखेट से प्रतिबंध हटा, दो हजार से अधिक मछुआरे एक हजार नावों के साथ उतरे गांधीसागर जलाशय में, पढ़े अजय सिंह सिसोदिया के साथ शेख इसाक की खबर 

Share On:-

रामपुरा। प्रतिबंध हटने के बाद गांधीसागर जलाशय (चंबल नदी) क्षेत्र एक बार फिर हईया हो हईया की स्वरलहरियों से गूंज उठा। सैकड़ों की संख्या में मछुआरे नदी में मत्स्याखेट करने उतरे। नदी में उतरे मछुआरे अब पन्द्रह दिनो के बाद लौटेंगे। हर वर्ष नदी से राज्य शासन के द्वारा गांधीसागर जलाशय में 15 जून से 15 अगस्त तक पूरे दो माह मत्स्याखेट (मछली मारने) पर प्रतिबंध रहता है। प्रतिबंध हटने के बाद मछुआरे नदी में उतरने कि सभी आवश्यक इंतजाम कर शुभ मुहूर्त देखकर परम्परा अनुसार नदी में अपनी-अपनी नाव उतारते हैं। प्रतिबंध हटने के बाद नदी में उतरने के लिए मछुआरा समाज के लोग नदी किनारे मां गंगा की पूजा-अर्चना कर अपनी सलामती के लिए मां गंगा से प्रार्थना करते है। 
नगर के दक्षिण दिशा की ओर बह रही चंबल नदी में जैसे ही अपनी-अपनी नाव उतारी तो विहंगम दृश्य देखते ही बन रहा था। नाव में सवार मछुआरों और किनारे पर खडे परिजनो ने जय-जय गंगा मैय्या के नारे लगाकर मंगल- कामना की। गांधीसागर जलाशय में मछुआरे एक बार उतरने के बाद करीब 10 से 12 दिनों में ही बाहर आते हैं। अपने-अपने चयनित स्थानों पर दिनभर जाल बिछाकर मछलिया पकड़ने का काम करते हैं। इसी कारण उन्हें खाने पीने के लिए अपने साथ लाए आटा-दाल, चावल व अन्य खाने की वस्तुओं को अपने साथ ले जाना पड़ता है। जालबंदी करने के बाद किसी टापू या नाव में ही खाना बनाना पड़ता है। गांधीसागर जलाशय में पहली बार लगी जालो मे लगभग 70 टन से ज्यादा मत्स्याखेट (उत्पादन) किया गया।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE