नीमच। गौ सेवा समिति नीमच के लगातार 4 वर्षों के संघर्ष और कोशिशों के बाद अब चमड़ा खाना स्थित गौशाला का स्वरूप बदल गया है। कुछ समय पूर्व गौशाला के हालात बहुत दयनीय थे। गोवंश के लिए छत नहीं थी। कीचड़ धूप और ठंड में गौ माता यहां रहने को मजबूर थी। गोवंश के लिए चारा और सुखला खुले में सड़ता रहता था। गौ सेवा में लगे सेवा दल के सदस्यों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। स्थाई जगह अधिकृत रूप से उपलब्ध नहीं थी। जिसे लेकर गौ सेवा समिति के सदस्यों ने जनप्रतिनिधियों, नगर पालिका और प्रशासन से अनेक बार गुहार लगाई। समाजसेवी संस्थाओं से मिले। अब उनकी मेहनत रंग लाई और यहां का नक्शा पूरी तरह बदल गया है। गौशाला स्थित पूरी जगह को प्रीकास्ट से कवर्ड कर दिया गया है। कुट्टी की मशीन लग गई है। टीन शेड लगा दिए गए हैं। सुखला घर बन गया है। गोवंश के लिए तमाम आवश्यक संसाधन और सुविधाएं अब यहां मौजूद है। बताते चलें गौ सेवा समिति के सदस्यों पार्थ जोशी, मितेश अहीर, दुर्गाशंकर धनगर, कान्हा ग्वाला, सचिन ग्वाला, चेतन ग्वाला, निखिलेश, नितेश, कमलेश धनगर, सद्दाम, प्रथम कैथवास, बबलू ग्वाला, सांवेर ग्वाला और पूरी टीम नीमच और 25 किलोमीटर के दायरे में 24 घंटे बीमार और घायल गौ माता की सेवा में तत्पर रहते हैं। समिति को अब समाजसेवी ओम तेल वाला के प्रयास से नगर पालिका सहित अन्य संस्थाओं का सहयोग मिला। करीब नौ लाख रुपए की लागत के बाद अब गौशाला बेहतर स्वरूप में है।