नीमच। अब्बास भाई रामपुरा वाले नहीं रहे। इस हृदय विदारक खबर से नीमच और पूरे बोहरा समाज में शोक की लहर दौड़ गई। अब्बास भाई बोहरा समाज के साथ पूरे शहर में एक प्रतिष्ठित उपस्थित रखते थे। समाज सेवा में आगे रहने वाले अब्बास भाई मृदुभाषी और लोकप्रिय व्यक्ति थे। कुछ समय पूर्व वे दिल की बीमारी से पीड़ित थे। इलाज के बाद कुछ दिनों से अपनी इच्छा शक्ति के बूते वह फिर सक्रिय नजर आने लगे थे।
अब्बास भाई का जिक्र किया जाए तो सबसे पहले यह बात दिलों दिमाग में उभर कर आती है कि हर पीड़ित के लिए वह हमेशा तत्पर रहे। चाहे किसी दीन दुखी की सहायता की बात हो, अस्पताल में किसी मरीज की सेवा में तत्पर खड़े रहने की स्थिति हो, कोर्ट कचहरी, सरकारी कार्यालय संबंधित या कोई और काम हो। सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक,मदद करनी हो वह हमेशा आगे रहे। वह हर जगह हाजिर हो जाते थे। अब्बास भाई हर खासो आम को तन, मन, धन से मदद करते थे। शेर दिल,खुश मिजाज अब्बास भाई का जाना ऐसा लग रहा है जैसे अपनों पर वज्रपात टूट पड़ा हो।उन्होंने बोहरा समाज की जमात में, मैयत कमेटी में और हर धार्मिक कार्यों में दिल खोलकर जी जान से खिदमत को अंजाम दिया है।
अब्बास भाई का इलेक्ट्रिक आइटम का व्यवसायिक प्रतिष्ठान बोहरा बाजार में है। कल की ही तो बात है वह अपने अजीज दोस्त हकीम भाई राणा के यहां धार्मिक कार्यक्रम में उपस्थित हुए। कुर्सी पर बैठे-बैठे सबसे सहृदय होकर सहजता से मुलाकात करते रहे। आज भी वे बोहरा समाज के नीमच के मुखिया आमिल साहब के यहां किसी खास बात को लेकर पहुंचे थे। वहां तबीयत अचानक बिगड़ गई। डॉक्टर के यहां ले जाया गया, और फिर डॉक्टर का यह कहना कि अब्बास भाई नहीं रहे, सब के दिलों पर कयामत ढा गया।
बाबजी नेटवर्क के मैनेजिंग डायरेक्टर और वरिष्ठ पत्रकार मुस्तफा हुसैन ने शब्दांजलि अर्पित करते हुए कहा कि अब्बास भाई का यूं चले जाना मेरे लिए जाती नुकसान है। वह मेरे घनिष्ठ थे।पाक परवरदिगार उन्हें जन्नत नसीब करें और परिजनों को इस असीम दुख को सहन करने की हिम्मत दे। सैफुद्दीन भाई रामपुरा वाले के बेटे और अब्दुल हुसैन व काईद जौहर के बड़े भाई अब्बास भाई अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके इंतकाल पर शहर के गणमान्य नागरिकों, परिचितों, परिजनों ने शोक श्रद्धांजलि अर्पित की है। आज सुबह अब्बास भाई को सुपुर्दे खाक किया गया।