कुकडेश्वर। मध्य प्रदेश के मालवा माटी के सपूत भारत सहित पूरे प्रदेश में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय सुंदरलाल पटवा के अनुज, कुकड़ेश्वर नगर परिषद के प्रथम अध्यक्ष व वर्तमान नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि महेंद्र पटवा, भोजपुर विधायक सुरेंद्र पटवा व भरत पटवा के पूज्य पिताश्री व कई जैन तीर्थ पेड़ी के अध्यक्ष रहे विकासवासी वादी सोच के विकास पुरुष समरथलाल पटवा की 92 वर्ष की उम्र में अस्वस्थ के चलते इलाज के दौरान इन्दौर में 25 अगस्त शुक्रवार को प्रातः देवलोक गमन हो गया। जिनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए फुलवारी निज निवास कुकडेश्वर पर रखी गई। जहां से शाम 4.30 बजे अंतिम यात्रा प्रारंभ होकर भटवारा मोहल्ला, सदर बाजार, बस स्टैंड पटवा स्मारक से होती हुई मीना चौक, लोहार मोहल्ला, जैन मंदिर, चंपा चौक से रावला चौक, नीम चौक, तम्बोली चौक से होती हुई आमन रोड मुक्तिधाम पहुंची। अंतिम यात्रा में नगरवासी एवं आसपास दूरदराज के कई वरिष्ठ जन, जनप्रतिनिधि, राजनेता, समाजजन साथ थे। अंतिम यात्रा के दौरान जगह-जगह पुष्पांजलि अर्पित की गई। पटवा के निधन का समाचार सुनते ही पूरा नगर व बाजार बंद रहा। मुक्तिधाम पर वैदिक मंत्रोंचार से विधि विधान पूर्वक परिजनों ने मुखाग्नि दी। इस दौरान नगर सहित क्षेत्रीय कई गणमान्य जनप्रतिनिधि मुक्तिधाम पर उपस्थित थे।
श्रद्धांजलि सभा में सांसद सुधीर गुप्ता, नीमच विधायक दिलीप सिंह परीहार, पूर्व मंत्री कैलाश चावला, पूर्व मंत्री नरेंद्र नाहटा, पूर्व विधायक विजेन्द्र सिंह मालाहेंड़ा, भाजपा नेता मदनलाल राठौर, राजेश लड़ा, राकेश जैन, बंसीलाल राठौर, मंडीदीप नगर परिषद राजेंद्र अग्रवाल, राकेश भारद्वाज, प्रदुम्न मारु, नरेंद्र कोठारी, मनोहर लोड़ा, जम्मू कुमार जैन, पुष्कर झंवर, कमल दांगी, बंशीलाल गुर्जर, अर्जुन सिंह सिसोदिया, राकेश जैन, अजय तिवारी, जितेंद्र जागीदार, मंगेश संघई, जैन तीर्थ पेड़ी के ट्रस्टी के साथ ही कुकडेश्वर सकल जैन श्रीसंघ के सभी पदाधिकारी वरिष्ठ जन एवं अन्य कई समाजों के वरिष्ठजन उपस्थित रहे। शोक श्रद्धांजलि में गणमान्यजनों ने अपने विचार व्यक्त कर पटवा के जीवन पर प्रकाश डाला। समरथलाल पटवा नगर के विकास में एक विकास पुरुष साबित हुए। पटवा ने कुकडेश्वर जैन पारसनाथ मंदिर के जिर्णोद्धार के साथ ही परासली जैन मंदिर एवं कई जैन मंदिरों के जीर्णोद्धार में अहम भूमिका निभाई। नगर परिषद के गठन होने पर नगर के विकास की एक लंबी सोच को लेकर सभी को साथ लेकर चलने वाले जैन समाज के वरिष्ठ आज नहीं रहे। उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त नगर वासियों ने किया।