मोरवन। खरीफ सीजन की मुख्य फसल सोयाबीन पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। लंबी खिंच के बाद बारिश न होने से फसल पूरी तरह खत्म होती दिखाई दे रही है। साथ ही क्षेत्र में सोयाबीन की फसलों पर कीट का प्रकोप तेजी से फैल रहा है, जिससे धीरे-धीरे फसल नष्ट होती जा रही है। किट के प्रकोप से थोड़ी बहुत बची फसल भी नष्ट होती दिख रही है। जिससे क्षेत्र के किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें बन गई है।
अपेक्षाकृत कम बारिश होने से कहीं फसल में अफलन की स्थिति है तो कहीं पीला मोजेक का प्रकोप सामने आ रहा है। वहीं कीट प्रकोप से फसल काफी प्रभावित हो रही है। देखते ही देखते खेत में खड़ी फसल पीली पड़ रही है साथ ही खत्म होती जा रही है। इस स्थिति में उत्पादन प्रभावित होने से किसानों को आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है। जिलेभर में अधिकतर किसानों ने सोयाबीन, मक्का, उड़द की फसल बोई है।
कृषक फतेह सिंह जाट, ऋतिक जाट, मनोहर जाट, दिलीप जाट, बलवीर जाट ने बताया कि कम बारिश के कारण फसले धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है, साथ ही सफेद रंग के कीट ऊपरी सतह पर आ रहे हैं और सोयाबीन की फसल की जड़े खा रहे हैं जिससे फसल खत्म हो रही है। खेतों में तेजी से किट का प्रकोप बढ़ रहा है जिस कारण से फसल नष्ट हो रही है। वहीं कुछ किसानों का कहना है कि कम बारिश के कारण फसल वैसे ही कमजोर है और ऊपर से ये कीट फसल तेजी से नष्ट कर रहे है। कुछ खेतों में पत्ते पीले पड़ कर पौधे सूखने लगे हैं। फसल बचाने के लिए किसानों के द्वारा महंगे कीटनाशक का स्प्रे किया जा रहा है। इसके बावजूद फसल में बीमारियां थमने का नाम नही ले रही। साथ ही कुछ किसान अपना दर्द सोशल मीडिया पर बयां कर रहे है और शासन प्रशासन से मुआवजे की मांग कर रहे है।