नीमच। जीवन में आगे बढ़ाने के लिए समय का अपना महत्व है जिसने समय को समझ लिया उसने सफलता की प्रथम सीढ़ी पर पहला क़दम रख दिया। 1 मिनट की देरी होने से व्यक्ति को करोड़ों का नुकसान हो सकता है इसलिए समय के महत्व को समझें और जीवन में सफलता प्राप्त करें। जिस प्रकार एक विद्यार्थी को पूरे साल भर परिश्रम करने के बाद परीक्षा में सफलता मिलती है तो एक वर्ष का महत्व उसे विद्यार्थी को पता होता है। 9 माह का महत्व जानना हो तो बच्चे को जन्म देने वाली मां से पूछना चाहिए। इसी प्रकार एक मासिक समाचार पत्र निकालने वाले को एक माह के समय का महत्व पता होता है। एक साप्ताहिक समाचार पत्र निकालने वाले को एक सप्ताह के समय का महत्व ज्ञात होता है ।एक दैनिक समाचार पत्र का निकलने वाले को एक दिन का महत्व मालूम होता है। समय का महत्व जानना है तो उसे व्यक्ति से पूछो जो व्यक्ति वर्ल्ड ट्रेड टावर पर हमले के 1 मिनट पहले वहां से निकल गया था। और उसकी जान बच गई थी।समय के महत्व को समझे बिना जीवन में सफलता नहीं मिलती है।
यह बात जैन दिवाकरीय श्रमण संघीय, पूज्य प्रवर्तक, आगम मनस्वी साहित्य भूषण कविरत्न श्री विजयमुनिजी म. सा. ने कही। वे श्री वर्धमान जैन स्थानकवासी श्रावक संघ के तत्वावधान में गांधी वाटिका के सामने जैन दिवाकर भवन में आयोजित चातुर्मास धर्म सभा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि मनुष्य जन्म मिलने के बाद मिले अमूल्य समय को व्यर्थ नहीं जाने दे और समय को सत्संग भक्ति तपस्या में लगाए तो जीवन का कल्याण हो सकता है ।एक माह तक लोगस जाप पाठ में सभी ने परिश्रम किया और सभी की आत्मा को पवित्र होने का अवसर मिला जिसने समय को पकड़ लिया। और समय का सदुपयोग कर लिया।वह व्यक्ति जीवन में सफल हो सकता है। साध्वी डॉक्टर विजय सुमन श्री जी महाराज साहब ने कहा कि व्यक्ति के विचार सुंदर होना चाहिएऔर विचार का उद्देश्य पवित्र होना चाहिए तभी वह जीवन में सफल हो सकता है।धन संपत्ति वैभव सभी यही रह जाते हैं मनुष्य के साथ सिर्फ और सिर्फ पुण्य परमार्थ ही साथ जाता है। औरंगाबाद से आए अतिथि विनोद चौधरी ने तारो तारो तारो रे मेरा जीवन तारो गीत प्रस्तुत किया।चतुर्विद संघ की उपस्थिति में चतुर्मास काल तपस्या साधना निरंतर प्रवाहित हो रही है।
इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक तपस्या पूर्ण होने पर सभी ने सामूहिक अनुमोदना की।
धर्म सभा में उपप्रवर्तक श्री चन्द्रेशमुनिजी म. सा.एवं साध्वी विजय श्री जी म. सा. का सानिध्य मिला।इस अवसर पर श्री अभिजीतमुनिजी म. सा., श्री अरिहंतमुनिजी म. सा., ठाणा 4 व अरिहंत आराधिका तपस्विनी श्री विजया श्रीजी म. सा. आदि ठाणा का सानिध्य मिला। चातुर्मासिक मंगल धर्मसभा में सैकड़ों समाज जनों ने बड़ी संख्या में उत्साह के साथ भाग लिया। इस अवसर पर श्री वर्धमान स्थानकवासी श्रावक संघ अध्यक्ष अजीत कुमार बम्म, चातुर्मास समिति , सागरमल सहलोत, मनोहर शम्भु बम्म, सुनील लाला बम्ब, निर्मल पितलिया, सुरेंद्र बम्म, वर्धमान स्थानकवासी नवयुवक मंडल अध्यक्ष संजय डांगी ,दिवाकर महिला मंडल अध्यक्ष रानी राणा ,साधना बहू मंडल अध्यक्ष चंदनबाला परमार आदि गणमान्य लोग उपस्थित थे। इंदौर रतलाम, जावद जीरन, चित्तौड़गढ़, छोटी सादड़ी निंबाहेड़ा जावरा नारायणगढ़, उदयपुर आदि क्षेत्र से समाज जन सहभागी बने और संत दर्शन कर आशीर्वाद ग्रहण किया। धर्म सभा का संचालन प्रवक्ता भंवरलाल देशलहरा ने किया।