सरवानिया महाराज। यहां जीते जी गोवंश के खाने पीने पर कांटेदार तार की बागड़ लगाकर लोगों ने जीना मुहाल कर दिया। ऐसे में जैसे तैसे अपने पेट की आग बुझाने हमारा ये गोवंश सड़कों पर गलियों में घुमता है। आज ये मुक प्राणी मुश्किलों में है कि आखिर जाये तो कहा जाये। उस पर भी गोवंश की जान पर कुछ वाहन चालक लापरवाही पूर्वक वाहन चलाकर इन मुक पशुओं को दुर्घटनाग्रस्त कर रहे हैं जिसमें रोजाना कई गोवंश घायल हो रहे है तो कुछ मामले में उनकी मौत भी हो रही हैं। ऐसे में हमारे मृत पशु के नाम से संचालित दफ्तर के ठेकेदार एक मृत गोवंश को उठाने की किमत 800 रुपये लेता है नहीं देने पर इस मुक पशु का शव यूँही सरेराह कुत्तों और चील कौवों का भोजन बन जाता है। ऐसा ही एक मामले में बिते दिवस सरवानिया महाराज के गोरक्षा दल की दरियादिली दिखाते हुए मृत गोवंश को अंतिम धाम तक पहुंचाया।
घटना जिले के मालखेड़ा फोरलाइन पर बीते मंगलवार की सुबह करीब 5 बजे के लगभग की है जिसमें एक अज्ञात वाहन ने नंदी (गोवंश) को जोरदार टक्कर मार दी जिससे नंदी की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी सरवानिया महाराज गौ रक्षा दल को मिलते ही अपने पूरे दल के साथ मोके पर पहुंचे सदस्यों ने मालखेड़ा गांव के सरपंच को फोन लगाकर बुलवाया लेकिन किसी कारण वश सरपंच मौके पर नहीं पहुंच पाए। ऐसे में गोरक्षा दल के सदस्यों ने नीमच नगर पालिका में फोन लगाकर गाड़ी बुलवाकर मृत (नदी) को भरवाकर भेजा। लेकिन गो रक्षा दल के सदस्यों ने बताया कि मृतपशु वाहन चलाने वाले व्यक्ति ने नगर पालिका के कर्मचारी को फोन लगाकर कहा कि मृत पशु को या तो में ले जाऊंगा या फिर तुम जाओ तो 800 रूपए लेकर आना और अगर पैसे न दे तो पशु को वहीं छोड़ कर आ जाना।
इसके बावजूद नगर पालिका के कर्मचारी ने अपना धर्म निभाते हुए मृत पशु को गाड़ी से नही उतारा और साथ लेकर गए। जिसका गो रक्षा दल ने दिल से धन्यवाद दिया तथा मृत गोवंश को उठाने के नाम पर सोदेबाजी करने वाले लोगों के प्रति आक्रोश व्यक्त किया। इस दौरान गो रक्षा दल के सदस्य जावद तहसील अध्यक्ष रूपलाल पाटीदार, मयंक प्रताप सिंह राणावत, अर्जुन सिंह राणावत और नीमच गो रक्षा दल के सदस्य अंकित जोशी और टीम मौके पर पहुंची।