मनासा। गाँव हांसपुर में कुशवाह समाज ने लव-कुश जयंती हर्षोल्लास से मनाई। कुशवाह मन्दिर पर विगत सात दिवस से पंडित रमेश पुरोहित डांगड़ी वाले के मुखारबिंद से श्रीमद भागवत कथा का पूरे गाँव वासियो ने अमृतपान किया।
सुबह कुशवाह मन्दिर पर कथा का समापन के साथ हवन किया गया।
उसके बाद भगवान लव-कुश की शोभायात्रा ढोल-ताशे के साथ दोपहर करीब 1 बजे से प्रारंभ हुई। वह गाँव के विभिन्न मार्गों से होती हुई शाम 5 बजे राधाकृष्ण मंदिर पर पहुंची। जहाँ भगवान लव-कुश की आरती कर प्रसादी का वितरण किया गया। झांकी में विराजमान लव-कुश भगवान की जगह-जगह पूजा-अर्चना की गई व फूलों की वर्षा की गई।
यात्रा में घोड़े की लगाम थामे लव-कुश बने दो बच्चे पैदल चल रहे थे। गाँव मे जगह जगह लव-कुश बने बच्चो का ग्रामवासियों द्वारा माला पहना कर स्वागत किया गया।
पूरी यात्रा में ढोल ओर डीजे की भक्ति धुन पर महिलाये एवं पुरुष झूम कर नाचे।
कुशवाह समाज के वरिष्टजन प्रकाश कुशवाह ने कहा कि हम कुशवाहों का संबंध श्रीराम के ज्येष्ठ पुत्र कुश से है। हमें कुश के वंशज होने पर गर्व है। उन्होंने कहा कि लव-कुश अन्याय के विरुद्ध न्याय की रक्षा, सुरक्षा और समृद्धि के लिए भगवान श्रीराम से युद्ध करने के लिए तैयार हो गए थे। कुशवाह समाज भी हमेशा से सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष करता रहा है। समाज का चहुंमुखी विकास संगठन का एकमात्र उद्देश्य है। हम सभी को स्वस्थ, शिक्षित व संगठित समाज निर्माण करने का संकल्प लेने की आवश्यकता है।
तो वही बलराम कुशवाह ने बताया कि लव और कुश की जोड़ी को पुरातन काल में नहीं तोड़ पाया तो आज कोई कैसे तोड़ सकता है। हमें और सचेत और संगठित होने की आवश्यकता है। तभी हम राजनीतिक, सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक रूप से मजबूत हो पाएंगे। इस अवसर पर तुलसीराम कुशवाह, मनीष कुशवाह, रंगलाल कुशवाह, अर्जुन कुशवाह, रोहित कुशवाह, संजू बन्ना, निलेश कुशवाह आदि समाज जन उपस्थित थे।