राजगढ। सकल पंच गवली समाज की माताएं एवं बालिकाएं रक्षाबंधन पर्व के अगले दिन भुजरिया पर्व मनाया गया जिसमें इसमे माताएं व बालिकाएं शहर से दूर खेत की पवित्र मिट्टी अपनी टोकरी में लाकर ज्वारे की स्थापना की ओर 10 दिनों तक पूजा अर्चना कर रही है। सावन के महीने में इन भुजरियों को झूला देने का रिवाज भी है। तकरीबन 10 दिन में ये अन्न उग आता है जिन्हें भुजरियां कहा जाता है। इन भुजरियों की -अर्चना की जाती है एवं कामना की जाती है।
श्रावण मास की पूर्णिमा तक ये भुजरिया चार से छह इंच की हो जाती हैं। रक्षाबंधन के दूसरे दिन इन्हें एक दूसरे को देकर शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद देते हैं। इन भुजरियों को एक दूसरे के कान में लगाया जाता है। बालिकाएं अच्छे वर की कामना भी करती है।
सकल पंच गवली समाज प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी भुंजरीया पर्व के समापन अवसर पर आज एक विशाल धर्म जुलूस गवली मोहल्ला से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्ग, मैन चौपाटी, राजेन्द्रसूरि चौक, तिलक मार्ग, जैन चौक, जवाहर मार्ग, लाल दरवाजा,गाँधी मार्ग होते हुए गवली मंदिर से पुराना बस स्टैंड होता हुआ माही तट पर समापन हुआ । भुजरिया पर्व आयोजित धर्मयात्रा का नगर में धार्मिक , सामाजिक व राजनीतिक दलों के द्वारा भव्य स्वागत भी किया गया।इस दौरान बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे