मंदसौर। दिव्याश्मन फाउंडेशन की मातृशक्तियो ने कजली तीज का त्योहार उत्साह उमंग के साथ मनाया। इस अवसर पर महिलाओं ने दिनभर उपवास रखा और गोधूलिक बेला में रेलवे कॉलोनी में एकत्रित होकर सामूहिक रूप से गेंहूू, सत्तु, बेसन के लड्डू बनाए।
इस दौरान फाउंडेशन की राष्ट्रीय महिला अध्यक्षा रानी राठौड़ ने बताया कि सातुड़ी तीज पर हम बिखरे हुए अनाज के दानों को सेक कर उसमे घी व गुड़ की मिठास डालकर एक लड्डू का रूप देते है। इसी प्रकार हमें महिलाओं के उत्थान के लिये
जातिवाद व वर्गवाद में बिखरी हुई मातृशक्ति को आत्मीयता और सांस्कृतिक सुविचार की मिठास से सभी को एकत्रित होकर सार्थक रचनात्मक प्रयास करना चाहिये।
इस दौरान फाउंडेशन की प्रवक्ता टीना पंवार ने बताया कि सनातन संस्कृति में पुरुष व महिला की बीच द्वंद्व कभी नही रहा है। ये सदैव एक दूसरे के पूरक रहे है। इसलिये पत्नी अपने पति की लंबी उम्र की कामना करना हमारी सनातन संस्कृति की श्रेष्ठता है। जिसके लिये हमने तीज उत्सव का आयोजन किया।