कटनी। जिला अस्पताल कर्मचारी की लापरवाही से पिता श्रीकांत कुशवाहा ने अपने नवजात शिशु को लेकर कोतवाली में लिखित शिकायत की है दरासल शासकीय जिला अस्पताल में भर्ती एक नवजात शिशु की मौत के बाद परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार तो कर दिया लेकिन बच्चे के अंतिम संस्कार हो जाने के बाद भी जिला अस्पताल से बार बार मृत बच्चे के परिजनों को बच्चे को दूध पिलाने और इंजेक्शन लगवाने के फोन आ रहे हैं। अस्पताल से बार-बार किए जा रहे फोन को लेकर मृत बच्चे के परिवार वाले इस बात से हैरान है उतने ही परेशान भी। इस संबंध में पीड़ित पिता ने कोतवाली थाना प्रभारी आशीष शर्मा को लिखित शिकायत पत्र देते हुए कहा कि स्लीमनाबाद थाना अंतर्गत ग्राम तेवरी निवासी कांत कुशवाहा की पत्नी प्रिया ने 5 सितंबर को ऑपरेशन से एक बेटे को जन्म दिया जो थोड़ा कमजोर था। डॉ मनीष मिश्रा ने उसकी हालत को देखते हुए उसे शासकीय जिला अस्पताल में वेंटिलेटर पर रखा था। बच्चा पूरी तरह स्वस्थ था लेकिन 10 सितंबर को अस्पताल में बच्चे का स्वास्थ्य बिगड़ गया और शाम लगभग 6 बजे बच्चे की मौत होना बताई गई बच्चे की मौत के बाद हम लोग उसे घर लेकर चले गए और दूसरे दिन 11 सितंबर की सुबह 8 बजे मृत बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया। परिवार ने कहा की बेटे के अंतिम संस्कार के बाद 11 सितंबर को लगभग 10 बजे जिला अस्पताल से मोबाइल पर फोन आया कि आपका बच्चा भर्ती है, उसे दूध पिलाना है, इंजेक्शन लगाना है, आप जल्दी आइए। पहली बार आए फोन को परिजनों ने अस्पताल की भूल मान कर नजर अंदाज कर दिया लेकिन इसके बाद अस्पताल से चार बार फोन आने पर परिवार परेशान हो उठा मंगलवार को परिजन अस्पताल पहुंचकर इसकी जानकारी लेने का प्रयास किया तो अस्पताल प्रबंधन ने इसे भूल करार देते हुए पल्ला झाड़ लिया। पीड़ित पिता ने पुलिस से लिखित शिकायत कर जांच करवाई की मांग की है। वही इस संदर्भ में जिला अस्पताल सिविल सर्जन डॉ यशवंत वर्मा ने कहा है कि किसी कर्मचारी ने भूल बस यह फोन किया है जिसके जांच के आदेश दिए गए हैं जो दोषी होगा उसे पर कार्यवाही की जाएगी।