नई दिल्ली। नई अफीम नीति और अफीम किसानों की कई मांगों को लेकर आज दिल्ली में भारत सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मंदसौर-नीमच के सांसद सुधीर गुप्ता और चित्तौड़गढ़ के सांसद सीपी जोशी ने मुलाकात की। इस दौरान सांसद गुप्ता और जोशी ने वित्त मंत्री के सामने सीपीएस पद्धति, नए अफीम के पट्टों और एनडीपीएस एक्ट की धाराओं को लेकर विस्तृत चर्चा की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दोनों ही सांसदों ने वित्त मंत्री सीतारमण से चर्चा के दौरान कहा कि ऐसे अफीम किसान जो सन् 1995 के बाद अपात्र घोषित कर दिए गए थे और जिनके ऊपर किसी भी प्रकार से कोई एनडीपीएस के तहत प्रकरण नहीं है, उन्हें नई अफीम नीति 2024-25 में शामिल किया जाए और इन पात्र किसानों को अफीम की खेती हेतु लाइसेंस दिया जाए। अगर 1995 के बाद अपात्र हुए अफीम किसानों को नई अफीम नीति के तहत पट्टे दिए जाते हैं तो लगभग 50-60 हजार अफीम किसानों को सीधे तौर पर इसका फायदा होगा। हालाँकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया हैं कि नए पट्टे सीपीएस पद्धति के तहत दिए जाएंगे या परम्परागत अफीम खेती के तहत।
वहीं जानकारी के अनुसार सांसद गुप्ता और जोशी ने एनडीपीएस की धाराओं को लेकर भी वित्त मंत्री सीतारमण से चर्चा की। सांसदों ने एनडीपीएस की धारा 08/29 को लेकर अफीम किसानों का पक्ष रखा। एनडीपीएस एक्ट में इस धारा में सुधार का प्रस्ताव भी सांसदों ने रखा। जैसा विदित हैं कि अफीम किसान लगातार एनडीपीएस की धारा 08/29 को लेकर आंदोलनरत हैं और इसमें बदलाव की मांग भी करते आए हैं।
सीपीएस प्लांट भी नीमच जिले में स्वीकृत हुआ हैं, जिसको लेकर भी सांसद सुधीर गुप्ता ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को धन्यवाद दिया। सीपीएस प्रोसेसिंग यूनिट नीमच जिले में लगने जा रही हैं। जिसको लेकर जिला प्रशासन भी प्लांट के लिए ऐसी जगह देख रहा हैं जहां पानी की पर्याप्त व्यवस्था हो। साथ ही आवागमन के लिए मार्ग सुलभ हो। जिला प्रशासन ने नीमच जिले के गांव मोरवन सहित एक-दो अन्य स्थानों पर भी जगह का अवलोकन किया हैं।