मंदसौर। जिले में 2 वर्ष पूर्व बालक की लाश नहीं मिलने पर प्रदर्शन करने के मामले में पुलिस ने किसान नेता जोकचन्द सहित 12 लोगों पर प्रकरण दर्ज कर आरोपी बनाया था। इन सभी आरोपियों को न्यायालय ने जमानत पर रिहा कर दिया है।
आपकों बता दें कि 2 वर्ष पूर्व बालक की लाश नही मिलने पर गांव झारड़ा में रेतम नदी ज्वाला मंदिर घाट पर प्रदर्शन करने के मामले में पुलिस ने मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र के किसान नेता श्यामलाल जोकचन्द सहित 12 लोगों को आरोपी बनाते हुए प्रकरण दर्ज किया था। इन सभी आरोपियों को नारायणगढ़ न्यायालय ने जमानत पर छोड़ दिया है। इस मामले में दो आरोपी अनुपस्थित रहे।
जानकारी के अनुसार 14 नवम्बर 2021 को रेतम नदी में भैंस के साथ नदी से बाहर आते समय झारड़ा निवासी 15 वर्षीय बालक विकास पिता गोपाल गायरी डूब गया था। साथ में उसका चचेरा भाई रवि पिता जीवन गायरी भी था, जो तैरकर बाहर आ गया। सूचना पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी व मन्दसौर से गोताखोरों की टीम भी मौके पर पहंुची थी। लेकिन बालक का पता नहीं चल पाया था। दूसरे दिन भी बालक का पता नही चला तो किसान नेता श्यामलाल जोकचन्द सहित ग्रामीणों ने विरोध किया व नदी का पानी निकालने की बात को लेकर सड़क पर बैठकर नारेबाजी की थी। बाद में दूसरे दिन नदी से बालक की लाश बरामद हुई थी।
झारड़ा पुलिस चौकी ने इस मामले में जोकचन्द्र के साथ ही सुनील दिवाणिया, राजेश भारती, दिनेश गुप्ता, आनंद हुपेले, हेमन्त तिवारी, राहुल कीथिरिया, नरसिंह नायक, विनय कुमठ, रामदयाल धनगर, अर्जुन गायरी, मनीष साहू, परशराम गायरी, श्यामलाल माली के खिलाफ धारा 147, 241, 117, 120 बी में केस दर्ज कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। इस मामले में सोमवार को जोकचन्द्र सहित 12 आरोपी नारायणगढ़ न्यायालय में पेश हुए।
आरोपियों की ओर से अधिवक्ता जैनूल सय्यद मन्सूरी मन्सूरी ने न्यायालय के समक्ष तर्क रखा कि प्रशासन ने समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की, इस कारण बालक की मौत हो गई। सभी ने आपराधिक आशय से यह कार्य नहीं किया, जनभावना व सद्भावना के तहत सभी बालक की लाश को ढंूढने के लिए मांग कर रहे थे। लेकिन राजनैतिक दुर्भावनावश पुलिस ने झंूठा आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है। सभी को जमानत दी जाए। न्यायाधीश स्वरुप कुमार सिंह ने तर्क सुनने के बाद सभी को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए।