सरवानियां महाराज। शहर की तीन सो बासठ छात्र छात्राओं वाली एकीकृत शाला आज दो शिक्षकों के हवाले थी। कहने को यंहा नो लोगों का स्टाफ है पर दिसंबर माह के चलते ऐच्छिक अवकाश लेंने का सिलसिला चल रहा है ऐसे में शासकीय माध्यमिक विद्यालय के प्रधान अध्यापक कारुलाल मैघवाल चार शिक्षकों को ऐच्छिक अवकाश देकर खुद भी संकुल प्राचार्य एन के नागदा से ऐच्छिक अवकाश लेकर छुट्टी पर चले गए। ऐसे में विद्यालय को दो शिक्षकों ने मिलकर संचालित किया। आयें दिन इस विद्यालय में प्रधान अध्यापक की लापरवाही सामने आती रहती है। जब संस्था के नो कर्मचारियों में से पहले ही एक लघुकृत अवकाश पर हैं तो फिर चार शिक्षकों को ऐच्छिक अवकाश एक साथ क्यों। और मान लो परिस्तिथी वश अवकाश दे दिया तो फिर खुद संस्था प्रधान को तो ऐच्छिक अवकाश नहीं लेना था। जबकि सोमवार को शाला में पोलाद सरीये वाली चंन्द्रमा का विश्लेषण दिखाने वाली वेन को भी संस्था प्रधान श्री मैघवाल ने स्विकृती दे रखी थी बावजूद इसके खुद संस्था प्रधान अवकाश पर चले गए। ये कैसी लापरवाही है इसपर यंहा कोई कहने सुनने वाला नहीं है।
ब मुश्किल हुआ मेनटेनेंस , एक साल से थी राशि संस्था प्रधान की जेब में-
पहले इस विद्यालय में मेनटेनेंस के करीब शासन द्वारा पालक शिक्षक संघ के खाते में डाले गए पच्च्चोहत्तर हजार रुपए एक साल पहले सरकारी खाते से (विड्राल ) निकाल कर संस्था प्रधान अपनी जेब में लिए फिर रहे थे और मेनटेनेंस भी नहीं कराया था । ये पैसा स्कूल की रंगाई पुताई और सुविधाओं पर खर्च करना था लेकिन एक साल बाद लोगों को इसकी जानकारी लगी तो संकुल प्राचार्य और जन शिक्षकों को मामले की जानकारी दी गई। संकुल प्राचार्य और जन शिक्षकों के बार बार कहने के बाद जाकर घटिया स्तर की रंगाई पुताई शाला में कराकर आयागया बराबर कर दिया। छात्र छात्रों कि सुविधाओं को ब-मुश्किल ठीक करवाया गया।
छात्राएं बनी शिक्षक , तो कोई युंही बैठे रहे-
जब एकीकृत शाला का संस्था प्रधान और अन्य शिक्षक ऐच्छिक अवकाश पर थें तो कक्षाएं संचालित करना समस्या बन गई तो कुछ कक्षाओं को छात्र छात्राओं ने शिक्षक बनकर संचालित किया तो कुछ कक्षाओं में छात्र ऐसे ही बिना शिक्षक के बैठकर पढ़ाई करते हुए दिखें। तो कुछ कक्षाओं को उपस्थित शिक्षकों ने संचालित किया।
वेन ने दिखाया अंतरीक्ष और चांद पर पहला कदम किसने रखा-
यंहा मिडिल स्कूल ग्राउंड में पहुंची वेन ने अपने सिस्टम के जरिए छात्र छात्राओं को चांद पर सबसे पहले किसने और कैसे कदम रखा तथा वंहा अंतरीक्ष की सतह पर पहुंचने वाले वैज्ञानिकों को क्या क्या मिला इसका एक विडियो छोटी दिर्घा में प्रोजेक्टर की मदद से दिखाया। जिसको बच्चों ने खूब पसंद किया।
प्रसंगवश जिक्र है कि हमारे प्रतिनिधि को जब संस्था से पता चला कि संस्था के छात्रों को अंतरीक्ष और चांद पर विश्लेषण दिखाने एक वेन पोलाद प्रोजेक्टर एमडी दर्शन मोयल और शैलेंन्द्र सिंह गौड़ के मार्गदर्शन में आई है तों खबर को लेकर वंहा पहुंचा तो वहां का नजारा देख लगा कि शिक्षकों की कमी है जब पता किया तो मालुम हुआ की संस्था प्रधान चार शिक्षकों के ऐच्छिक अवकाश पर भेजकर खुद ही संकुल प्राचार्य से अवकाश लेकर चले गए और संकुल प्राचार्य से इस बात का जिक्र भी नहीं किया की वो पहले ही शिक्षकों को छुट्टी पर भेज चुके हैं। तो संकुल प्राचार्य ने भी संस्था प्रधान का अवकाश स्वीकृत कर दिया। मामले में मिडिल स्कूल प्रधान अध्यापक कारुलाल मैघवाल से मोबाइल पर बात करना चाही मगर संपर्क नहीं हो सका।
पहले से स्टाफ कम , मामले को संकुल प्राचार्य के समक्ष रखेंगे-
पहले से ही मिडिल स्कूल में स्टाफ की कमी है और ऐसे में ऐच्छिक अवकाश पर जब पहले से ही चार पांच शिक्षक है तो संस्था प्रधान को शाला को इस तरह दो शिक्षकों के हवाले छोड़कर खुद को अवकाश पर नहीं जाना था। ये लापरवाही है विधिवत संकुल प्राचार्य से बात कर मामले को देखेंगे।
तत्थ छिपाकर स्विकृत कराया अवकाश-
संस्था प्रधान श्री मेघवाल ने पहले से स्वयं द्वारा ऐच्छिक अवकाश देने संबंधी तत्थ छुपाकर खुद का अवकाश स्वीकृत कराया है। इस प्रकार की लापरवाही सामने आई है संस्था प्रधान से जवाब तलब किया जाएगा।
एन के नागदा, संकुल प्राचार्य सरवानियां महाराज