रतलाम। 30 जनवरी महात्मा गाँधी की पुण्यतिथि तथा मद्य निषेध संकल्प दिवस के अवसर पर सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा युवाओं की उपस्थिति में मदिरा पान एवं मादक पदार्थों के सेवन के दुष्परिणामों से अवगत करवाने हेतु प्रधानमंत्री कौशल केन्द्र रतलाम पर एक कार्यशाला आयोजित की गई।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संत महर्षि संजय शिवशंकर दवे, प्रजापिता ब्रहाकुमारी सीमा दीदी थे। अध्यक्षता उपसंचालक सामाजिक न्याय संध्या शर्मा ने की।
इस अवसर पर विशेष अतिथि के रुप में केंसर सोसायटी अध्यक्ष अशोक अग्रवाल, पंतजलि जिला प्रमुख विशाल वर्मा, मप्र जन अभियान परिषद जिला समन्वयक रत्नेश विजयवर्गीय, प्रधानमंत्री कौशल केन्द्र संचालक राजीव जैन व अनमोल जैन उपस्थित रहे।राज्य शासन के निर्णय अनुसार जिलें में 26 जनवरी से 09 फरवरी तक मध निषेध संकल्प सप्ताह मनाया जा रहा है। उसी तारतम्य में मंगलवार को मध निषेध संकल्प दिवस मनाया गया जिसमें युवाओं के साथ नशामुक्ति के लिये संवाद किया गया। महर्षि संजय शिवशंकर दवे ने कहा कि हर धर्म में संदेश दिया है कि व्यसन से मुक्ति ही प्रगति का मार्ग है, युवाओं को सदमार्ग पर चलकर अपना भविष्य बनाना होगा। समाज में युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को रोकने एवं इसकी बुराईयों से उन्हें अवगत कराना हमारा दायित्व भी है और कर्त्तव्य भी।
सीमा दीदी ने बताया कि युवाओं को समाज के प्रति समर्पण का भाव रखना होगा और परिवार में यदि कोई नशा करता है तो उन्हे नशें की लत छुडाने के लिये आप सबको प्रेरित करना होगा। अशोक अग्रवाल ने कहा कि नशे के कारण कैंसर जैसे बीमारी से ग्रस्त लोग कई बार जीवन से मोह भंग के शिकार हो जाते है। नशे के विरूद्व जागरूक करके लोगों को नशा मुक्त किया जा सकता है। विशाल वर्मा ने बताया कि नियमित योग प्रणायाम से नशे की बुराई से बचा जा सकता है और स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है। हमें अपने जीवन के लिये अपने शरीर के लिये भी समय निकालकर प्रतिदिन योग व प्राणायाम करना चाहिए। राजीव जैन ने बताया कि कौशल विकास के साथ ही युवाओं में सामाजिक दायित्वों का बोध होना भी आवश्यक है, जिससे समाजहित में कार्य किए जा सकें। कार्यक्रम में सामाजिक न्याय विभाग के दिलीप सिसौदिया, दिव्यांग पुर्नवास केन्द्र के प्रशासकीय अधिकारी रवि जैन, विकास वास्पत, कैलाश पटेल उपस्थित रहे।
इस अवसर पर संकल्प लिया गया कि मद्यपान शारीरिक, आर्थिक तथा नैतिक पतन का कारण है। मेरा विश्वास है कि मद्य निषेध सामाजिक उत्थान एवं मानव स्वास्थ्य के लिये अति आवश्यक हैं। मै प्रतिज्ञा लेता हॅू कि मैं आज से शराब अथवा नशीलें पदार्थो का सेवन नही करूंगा और मैं किसी को भी शराब इत्यादि नही पिलाऊंगा। मैं शराब तथा अन्य मादक पदार्थो के व्यापार द्वारा धन अर्जित नही करूंगा। मैं राष्ट्रपिता महात्मा गांधीजी की पुण्यतिथि के अवसर पर संकल्प लेता हॅू कि मै मद्य निषेध का सदा समर्थन करूंगा तथा बापू के सपने को साकार करने में सहयोग प्रदान करूंगा। इस अवसर पर शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन धारण किया गया।