मंदसौर। शहर में 26 जून 2018 को हैवानियत की एक घटना घटित हुई थी। जिसको लेकर प्रदेश सहित देश की राजनीति में भूचाल आ गया था। मंदसौर में 7 साल की बच्ची से लड्डू का लालच देकर दो दंरिदों ने गैंगरेप किया था। तत्कालीन सीएम शिवराज ने इंदौर के अस्पताल पहुंचकर पीड़ित को बेटी माना था। साथ ही पीड़ित और उसकी बहन की पढ़ाई का खर्च सरकार की ओर से वहन करने की बात कही थी। लेकिन अब इंदौर के स्कूल ने उसके पिता को 14 लाख रुपए से अधिक बकाया का नोटिस दिया है। स्कूल प्रबंधन ने 2018 से 2023-24 शैक्षणिक सत्र की पढ़ाई, हॉस्टल सुविधा, डीजल, गैस समेत अन्य खर्च शामिल किए हैं।
इंदौर के विद्यालय प्रबंधन के इस निर्णय के बाद एक बार फिर राजनीति गरमा गई हैं। जहां कांग्रेस हमलावर हो गई हैं। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पूर्व सीएम शिवराज को घोषणा मशीन कहा। वहीं मंदसौर के पूर्व विधायक और भाजपा नेता यशपाल सिंह सिसौदिया का एक बयान भी सामने आया हैं।
पूर्व विधायक सिसोदिया ने बताया कि शासन के निर्देशों का पालन कराने का काम अधिकारियो का होता हैं। दुष्कर्म से पीड़िता और उसकी बहन 14 लाख बकाया फीस के मामले में निजी विद्यालय द्वारा इंदौर कलेक्टर को पत्र लिखकर बिटिया का नाम उजागर करना आपत्तिजनक हैं। सीएम डॉ मोहन यादव को आवश्यक कार्यवाई करनी चाहिए।