सेगांव। विकासखंड की ग्राम पंचायत सतावड में 35 साल पुरानी जर्जर हालत में पड़ी टूटी पुलिया अपनी जर्जर हालत की दुहाई मांग रही है। ग्रामीणों ने बताया गया कि गांव की पुलिया का निर्माण 35 सालों पहले हुआ था। यह पुलिया गंधावाड और कमोदवाड़ा गांव को जोड़ती है। पुलिया का एक भाग पूरा टूट चुका है। आये दिन हादसे होते हैं ग्रामीण दुर्घटना का शिकार होते हैं। टूटी पुलिया और ग्राम का विकास नहीं होने के कारण ग्रामीण पिछले विधानसभा चुनाव का बहिष्कार भी कर चुके हैं। उसके बाद भी जिम्मेदार मौन है। ग्रामीणों द्वारा 26 नवंबर को कलेक्टर कार्यालय खरगोन में प्रति मंगलवार लगने वाली जनसुनवाई में भी पुलिया की समस्या बताई गई थी। लेकिन निराकरण नहीं हुआ। ग्रामीणों द्वारा आरोप लगाया गया कि प्रशासनिक अधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधियों को कई बार आवेदन दिया। निवेदन किया पर हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। यहां तक की चुनाव बहिष्कार की चेतावनी भी दी पर कोई असर नही हो रहा है।
सरपंच प्रतिनिधि ग्यारसी लाल चौहान, आत्माराम यादव,कमल यादव, कमल जायसवाल, दिनेश चौहान ने बताया कि अंग्रेजों के जमाने जैसा जी रहे हैं। गांव को जनप्रतिनिधियों से विकास आधारित की स्वतंत्रता नहीं मिल पाई है। कई बार क्षेत्रीय सांसद गजेंद्र पटेल व विधायक केदार डावर से गुहार लगा चुके हैं। उनसे आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला है। आज भी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।
जनपद पंचायत एवं तहसील का यह गांव सतावड बरसों से जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का शिकार है। आज भी ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं। ग्राम में 30 साल पुरानी ग्राम पंचायत की पाइप लाइन चल रही है। जो की जगह-जगह से क्षतिग्रस्त एवं टूटी-फूटी हुई है। बार-बार रिपेयरिंग करना ग्राम पंचायत की मजबूरी है।
सरपंच प्रतिनिधि ग्यारसी लाल चौहान ने बताया कि जिले में करोड़ों रुपए की लागत से जल जीवन मिशन का कार्य चल रहा है। लेकिन हमारे यहां क्यों नहीं। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि जगह जगह से टूटी पुलिया का निर्माण जल्द नहीं होता है तो आगामी लोकसभा चुनाव का भी हम लोग बहिष्कार करेंगे।