चित्तौड़गढ़। समग्र जैन समाज की प्रतिनिधि संस्था श्री महावीर जैन मंडल चित्तौड़गढ द्वारा सोमवार शाम मांगलिक धाम में राष्ट्र संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर महा मुनिराज व सागर समुदाय के 103 वर्षीय गच्छाधिपति आचार्य भगवान दौलत सागर सूरीश्वर महाराज के सल्लेखना पूर्वक समाधि द्वारा अनंत यात्रा पर निकल जाने विनयानंजलि सभा आयोजित की गई।
विनायानंजली सभा में मंचासिन मंडल अध्यक्ष डा आई एम सेठिया के साथ ही संरक्षक मूर्तिपूजक संघ अध्यक्ष सावर मल बोरिया, दिगंबर संघ अध्यक्ष पारस जैन,शांत क्रांति संघ अध्यक्ष सुरेश लोढ़ा,अंबेश मुनि संघ अध्यक्ष सुरेश डांगी,साधुमार्गी संघ के गौतम पोखरना, श्रमण संघ महामंत्री सुनील बोहरा,मंडल महासचिव रणजीत सिंह नाहर ने भावानंजलि देते हुए दोनो आचार्य भगवन को राष्ट्र संत बताते हुए कहा की यह केवल जैन समाज जी नही अपितु सम्पूर्ण राष्ट्र की क्षति हे । दोनो आचार्य भगवान ने पूरा तपोमय जीवन समाज को अहिंसा,त्याग,समर्पण और संस्कार की दिशा देने में लगाया।
उनके स्वर्गारोहण से संपूर्ण जैन समाज निशब्द स्तब्द रह गया है। विन्यानंजली सभा में सर्वप्रथम मंडल अध्यक्ष डा आई एम सेठिया ने दोनो आचार्य भगवन का विस्तृत जीवन परिचय विवरण प्रस्तुत कल मंडल की और से श्रद्धा सुमन अर्पित किए। विनायजली देने वाले मंचासिन अतिथियों के साथ शिक्षाविद डा ए एल जैन,मनसुख पटवारी, महेंद्र टोंगिया,कमल जैन, महिला मंडल अध्यक्ष ज्योति चंडालिया, इंद्रेश कोठारी, मनोरमा अजमेरा,कल्पना मेहता ,डा नेमीचंद अग्रवाल, मंजू सेठी, राजेंद्र प्रसाद जैन मधु मट्ठा,अंगुरबाला भड़कतीय, राजेंद्र सरावगी, कोमल पोखरना, मनोरमा अजमेरा, मैंना बज,ओम गादीयां रमेश अजमेरा ज्ञान सागर जैन जितेंद्र नागोरी आदि ने भावानंजली अर्पित की। प्रारंभ में मंचासीन अतिथियों ने आचार्य श्री के चित्र पर दीप प्रज्वलन कर विनयानंजली सभा का शुभारंभ किया। संचालन रणजीत सिंह नाहर ने किया आभार संयुक्त सचिव राजेंद्र सरावगी ने किया।