खरगोन। इस्लामी पर्व शब-ए-बारात मुस्लिम समाजजनों ने अकीदत के साथ मनाया। पर्व के चलते रविवार की रात मुस्लिम बस्तियों में रौनक रही। सभी मस्जिदों, ख़ानक़ाहों, दरगाहों, इमामबाड़ों, कब्रस्तानों में जाकर लोग फ़ातेहाख़्वानी कर इबादत करते हुए विश्व शांति सदभाव के साथ-साथ देश की खुशहाली , तरक्की के लिए खुसूसी विशेष दुआऐं की गई।
इस संबंध में मौलाना ने बताया कि शब-ए-बारात पर रात में सभी मुस्लिम बंदे अनेक मस्जिदों और अपने घरों में शब-बेदारी रतजगा कर इबादत करते है और दरगाहों क़ब्रस्तानों में जाकर अपने पूर्वजों एवं परिजनों की कब्रों पर दरूद फ़ातेहा पढ़कर वहाँ से लौटकर अपने-अपने मोहल्लों की मस्जिदों में खुसूसी इबादत करते है। ऐतिहासिक मत के अनुसार शब-ए-बारात फ़ैसलों की रात मानी जाती है। इस रात में अल्लाह पाक हर व्यक्ति की दुआ को कुबूल फरमाता है और उसके गुनाहों को माफ़ कर देता है, जो व्यक्ति भी अल्लाह पाक से जो कुछ भी मांगता है, उसे इस रात में मिल ही जाता है। यह भी बताया जाता है कि इस रात में फ़रिश्ते दुनिया के सभी बन्दों का साल भर का आमालनामा यानी लेखा-जोखा भी अल्लाह पाक़ के समक्ष पेश करते हैं, जिस पर अल्लाह पाक़ अपनी कुदरत से फ़ैसले फ़रमाता है और बंदो को खुशहाली, तंदरूस्ती और इनाम, दौलत, सेहत की नेमतों, रहमत से नवाज़ता है।
शब-ए-बारात के मौके पर देश भर के करोड़ों मुस्लिम लोगों द्वारा अक़ीदत और ईमान के साथ इस साल जिले में इस पर्व को परम्परागत ढंग से मनाते हुए अपने घरों में मीठा हलवा, खीर, मिठाई इत्यादि पक़वान बनाकर ग़रीबों, भूखों, मोहताज़ों, को दी गई।