गरोठ। लक्ष्य प्राप्त करने के लिए निरंतर चलते रहें जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो इसी पंक्ति के साथ प्रारंभ हुए नगर की अग्रणी शैक्षणिक संस्था सरस्वती शिशु विद्या -मंदिर उ. मा. वि.गरोठ के दीक्षांत समारोह में कक्षा 12वीं के भैया -बहिनों को उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए जीवन पथ में आगे बढ़ाने की शुभकामनाएं देते हुए दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की प्रथम कड़ी में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कैलाश धनगर( विभाग समन्वयक मालवा प्रांत मंदसौर विभाग), विशेष अतिथि रघुनंदन पाटीदार( अभिभावक प्रतिनिधि). अध्यक्षता अनिल कोटवाल ( व्यवस्थापक ) के द्वारा मां सरस्वती प्रणव अक्षर ओम तथा मां भारती का पूजन अर्चन कर दीप प्रज्वलित कर दीक्षांत समारोह कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम की अगली बेला में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि तथा मुख्य वक्ता कैलाश धनगर ने भैया - बहिनों को विद्यालय से मिले संस्कारों का उपयोग देश हित में किस प्रकार किया जा सकता है यह बताया साथ ही एक अच्छा विद्यार्थी होने के साथ पहले अच्छा इंसान होना जरूरी है, लक्ष्य प्राप्ति के लिए निरंतर चलते रहें जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो आदि प्रेरणादायक तथ्यों पर प्रकाश डाला।
विशेष अतिथि रघुनंदन पाटीदार ने लक्ष्य प्राप्त करने के लिए नियमित दैनिक जीवन, संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम समय का महत्व आदि महत्वपूर्ण बातों पर प्रकाश डालते हुए भविष्य की चुनौतियों का सामना किस प्रकार किया जा सकता है उस पर भैया -बहिनों को मार्गदर्शित किया।
दीक्षांत समारोह कार्यक्रम की भूमिका को प्राचार्य कैलाश चंद्र जायसवाल ने रखते हुए दीक्षांत समारोह के महत्व को अंगीकृत करते हुए बताया कि मनुष्य को अपने जीवन में दीक्षा और दीक्षांत दोनों एक दूसरे के पूरक है किस प्रकार से दीक्षांत के अंत में गुरु दक्षिणा दी जाती है और उसे गुरु दक्षिणा का क्या महत्व है गुरु दक्षिणा केवल अर्थ या धन के रूप में ही नहीं दी जाती अपितु वचन कर्म योग्यता अनुभव के रूप में भी दी जाती है इस हेतु भैया बहनों को सदैव विद्यालय से जुड़े रहने को कहा। साथ ही कहा कि जिस संस्था से हमने प्रारंभ से विद्या अध्ययन किया है जिन गुरुओं ने जिन गुरुओं ने विद्या अध्ययन करवाया है उनके त्याग समर्पण करते हुए निष्ठा उदारता को कभी नहीं भूलना है।
कार्यक्रम की अगली बेला में कक्षा द्वादशी के भैया-बहनों ने भावुक होते हुए विद्यालय के संस्कारमय वातावरण में बिताए गए अपने यादगार पलों को याद करते हुए अपने खट्टे मीठे अनुभव व्यक्त किये।
अगली बेला में कक्षा एकादशी के भैया -बहनों ने कक्षा द्वादशी के भैया -बहिनों के लिए उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए शुभकामना संदेश का वाचन किया। कार्यक्रम की अगली बेला में कक्षा द्वादशी में अध्यापन कराने वाले आचार्य संतोष प्रजापति, आचार्य अरविंद कोयल, आचार्य शुभम सोनी, लेखपाल ओम प्रकाश व्यास ने अपने मन वचन और कर्म की व्याख्या करते हुए जीवन को उन्नत बनाने का संकल्प दिलाया आचार्य राजेंद्र सोनी, आचार्य वीरेंद्रपाटीदार,आचार्य लखन पटवा, आचार्य दीपक साहू उषा राठौर दीदी तथा नेहा भट्ट दीदी ने क्रमबद्ध तरीके से कक्षा द्वादशी के भैया-बहनों को उज्जवल भविष्य की कामना का आशीर्वाद देते हुए जीवन में सफलता प्राप्त करने सूत्रों से अवगत कराया।
कार्यक्रम की अगली बेला में आमंत्रित अतिथियों द्वारा कक्षा द्वादशी के भैया - बहनों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। कक्षा द्वादशी के भैया-बहिनों द्वारा याद स्वरूप विद्यालय को म्यूजिक सिस्टम भेट किया गया। कार्यक्रम का संचालन आचार्य मनोज जोशी के मार्गदर्शन में कक्षा एकादशी की बहिन कनक व्यास द्वारा किया गया। आमंत्रित अतिथियों का परिचय कक्षा एकादशी की बहिन प्राची कोयल द्वारा कराया गया। आमंत्रित अतिथियों का स्वागत कक्षा एकादशी की बहिन यशोदा पाटीदार, संध्या पाटीदार, अर्चना पाटीदार, निहारिका भाना कोमल पाटीदार,जया लोहार, पलक दानगड़ तथा सेजल मेहर द्वारा किया गया। अवतरण वाचन कक्षा एकादशी की बहन तमन्ना जाटव द्वारा व्यक्त किया गया। व्यक्तिगत सुमधुर गीत की प्रस्तुति आचार्य मनोज जोशी द्वारा दी गई। शुभकामना देने के लिए प्रधानाचार्य अंतिम वर्मा,समिति परिवार के रमेश गुप्ता, सुंदरलाल पाटीदार, मनोज मगर,हर्षवर्धन चौधरी आदि उपस्थित थे। दीक्षांत समारोह कार्यक्रम संपन्न होने के पश्चात कक्षा एकादशी के भैया -बहनों के सौजन्य से सभी को स्नेह भोज कराया गया। उक्त जानकारी विद्यालय के प्रचार प्रसार प्रमुख मनोज जोशी द्वारा दी गई।